फोटो परिचय : टेलफाल के पास बढ़ता नारायणी नदी का जलस्तर।
- वाल्मीकिनगर बैराज से 1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, सोहगीबरवा-शिकारपुर-भोथहा में ग्रामीण सतर्क
निचलौल। नारायणी-गंडक नदी का जलप्रवाह बढ़ने से बाढ़ प्रभावित रहे तटवर्ती गांवों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार शाम पांच बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि शाम चार बजे डिस्चार्ज 1.21 लाख क्यूसेक था। क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बीच पानी बढ़ने की सूचना से सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा समेत आसपास के गांवों में ग्रामीण सतर्क हो गए हैं।
नारायणी नदी के किनारे बसे गांवों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। ग्रामीणों को मवेशियों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था करने के साथ रोजमर्रा के कामकाज में भी दिक्कत हो रही है। जलप्रवाह बढ़ने के बाद लोगों ने नदी और आसपास के इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है।
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16 सितंबर को 77,600 क्यूसेक था डिस्चार्ज
इससे पहले 16 सितंबर को गंडक बैराज से करीब 77,600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उस समय नदी का जलस्तर कम होने के कारण ग्रामीण अपेक्षाकृत निश्चिंत थे। शुक्रवार दोपहर बाद डिस्चार्ज में लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती क्षेत्रों में संभावित बाढ़ को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। लगातार बारिश और आगामी दिनों में भी वर्षा की संभावना को देखते हुए नर्सरी से कक्षा 12 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
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प्रशासन ने गांवों में बढ़ाई निगरानी
एसडीएम अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि नारायणी नदी का जलस्तर फिलहाल सामान्य है। प्रशासन संभावित परिस्थितियों को लेकर सतर्क है। सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा समेत अन्य गांवों के प्रधानों और लेखपालों से लगातार स्थिति की जानकारी ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि कुछ स्थानों पर बारिश का असर है, लेकिन अभी कहीं गंभीर स्थिति नहीं है। प्रशासन किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।