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Maharajganj News: कम हुआ पानी बढ़ी परेशानी, दो गुना दाम पर बिक रहे सामान

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बाढ़ के पानी से खराब हुए बेड और कपड़ों को घर के सामने सुखाते लोग।
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- नुकसान के बाद डेढ़ से दो गुना महंगे दामों पर मिल रहा जरूरी सामान
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- आलू 30 से 40 और प्याज बिक रहा है 60 से 80 रुपये प्रति किलो

संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। बाढ़ से प्रभावित टापू क्षेत्र सोहगीबरवां, शिकारपुर, भोथहा में पानी कम होने के बाद भी जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है। गांव के बाजार और घरों में पानी घुसने से सामान पूरी तरह खराब हो गए हैं। प्रभावित लोग इससे उबरने में लगे हैं। दूसरी तरफ बाढ़ प्रभावित इलाकों में दो गुना पर दैनिक जीवन के लिए उपयोगी सामान बेचे जा रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ जैसी आपदा में लोगों के समक्ष आई मजबूरी का फायदा उठाते हुए जरूरी सामान महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। सोहगीबरवां, शिकारपुर व भोथहा के बाजार टोला में 12 से 15 रुपये किलो मिलने वाला आलू अब 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है। 35 से 40 रुपये बिकने वाला प्याज 60 से 80 रुपये प्रतिकिलो, 80 से 85 रुपये बिकने वाला सोयाबीन करीब 120 रुपये किलो और 95 से 100 रुपये प्रति आधा लीटर बिकने वाला सरसों का तेल इन दिनों करीब 200 रुपये प्रति आधा लीटर बिक रहा है।
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20 से 22 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाला मोटा चावल इन दिनों करीब 35 रुपये किलो तो 95 रुपये में आधा किलो बिकने वाला लहसुन इन दिनों 200 रुपये में आधा किलो की दर से बिक रहा है। हरी सब्जियां फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। बाढ़ में खेतों में लगी सब्जियां भी पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। तीनों जगह पर करीब 35 से 40 दुकान हैं, सब जगह पर कमोबेश यही रेट चल रहा है।
दुकानदार गोल्डन लालमुनि पुत्र राजाराम और गोबिंद गुप्ता ने बताया कि बाढ़ का पानी दुकान में घुसने से फ्रिज, कूलर, वाई-फाई सिस्टम, कंप्यूटर और किराना का सामान पूरी तरह खराब हो गया। एक दुकानदार गोल्डन ने करीब 10 लाख रुपये से अधिक के नुकसान की बात कही। सोहगीबरवा बाजार में स्थित सरकारी देसी और कंपोजिट शराब की दुकान भी बाढ़ की चपेट में आ गई। दुकान में रखा सामान पानी में भीगकर खराब हो गया।


नौरंगिया से सामान लाने के लिए भी नाव का सहारा

सोहगीबरवा के प्रधान प्रतिनिधि रामदेव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव में बाजार की व्यवस्था प्रभावित होने से दुकानदारों को करीब 10 किलोमीटर दूर बिहार के नौरंगिया और उससे आगे के क्षेत्रों से सामान लाना पड़ रहा है। गांव तक पहुंचने के लिए कुछ दूरी नाव से तय करनी पड़ती है, जिसके लिए लोगों को अधिक किराया देना पड़ रहा है। इसके बाद भी बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को पैदल चलकर घर तक पहुंचना पड़ रहा है।


घरों में रखा अनाज, कपड़े और जरूरी कागजात भी खराब

बाढ़ के पानी से कई घरों में रखा अनाज, कपड़े, बेड और रोजमर्रा का सामान खराब हो गया। रामवती ने बताया कि घर में रखा बेड और कपड़े पानी में भीगकर खराब हो गए। शुक्रवार को परिवार के लोगों ने उन्हें धूप में सुखाने के लिए बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवारों के आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज भी पानी में भीगकर खराब हो गए हैं।


नुकसान के आकलन को टीमें जुटीं

बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन की कई टीमें घर-घर पहुंच रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य सरकारी सहायता से इतने बड़े नुकसान की भरपाई मुश्किल होगी। उनका कहना है कि बाढ़ ने घर, दुकान, अनाज और खेतों को भारी नुकसान पहुंचाया है, इसलिए विशेष राहत पैकेज की आवश्यकता है।


राहत सामग्री वितरण और सफाई अभियान जारी

बीडीओ संतोष कुमार यादव ने बताया कि ब्लॉक के सभी सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। गांव में सफाई अभियान चल रहा है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सा टीम भी गांव में पहुंचकर काम कर रही है। बाढ़ आने से पहले प्रशासन की टीमों के मौके पर मौजूद रहने से अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों, दुकानों और खेतों में हुई तबाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब प्रभावित परिवारों की निगाहें नुकसान के आकलन और मिलने वाली सरकारी सहायता पर टिकी हैं।

बाढ़ आने पर सभी दुकानों में रखा सामान तबाह हो गया है। अब लंबी दूरी तय कर नौरंगिया और खड्डा से दुकानदार सामान ला रहे हैं। ऐसे में महंगे दामों में सब्जी खरीदना ग्रामीणों की मजबूरी हो गई है।



- रामदरश निवासी सोहगीबरवां

जो आलू और प्याज 12 से 30 रुपए में मिलता था अब वह 35 से 40 रुपये में मिल रहा है लेकिन दुकानदार और ग्राहकों की मजबूरी हो गई है। दुकानदार खुद अधिक दूरी और महंगे दामों में खरीद कर ला रहे हैं। शुक्रवार को 45 रुपये किलो बिकने वाला परवल 80 रुपये किलो में मिला है। वहीं लहसुन 300 रुपये प्रतिकिलो मिला है।
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- राजवंशी निवासी शिकारपुर

वर्जन



सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा में दुकानदारों द्वारा आवश्यक सामानों पर अधिक मूल्य लेने की बात सामने आई है। मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई किया जाएगा और दुकानदार से उनके उचित दाम पर बिक्री करवाया जाएगा। बाढ़ राहत सामग्री वितरित किया जा रहा है। उसमें खाने पीने के सामान मौजूद है। इससे कुछ दिनों तक दुकानों पर नहीं जाना पड़ेगा। इसके बाद रास्ते ठीक हो जाएंगे तो ग्रामीण खुद सामानों की खरीदारी उचित रेट पर कर सकेंगे।



- अवनीश त्रिपाठी, एसडीएम निचलौल
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