महाव नाला का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा
ठूठीबारी/बरगदवां(महराजगंज)। बुधवार की रात से हो रही बारिश से महाव नाला का शनिवार सुुुबह जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। बरगदवा व परसा मलिक क्षेत्र में पिछले वर्ष तबाही मचाने वाला महाव नाले के भयावह रूप को देखकर इसके समीप बसे दर्जनों गांवों के किसान बांध टूटने की आशंका से सहम गए हैं।
दर्जनों की संख्या में किसान खेतों के सामने तटबंध पर नजर बनाए हैं। किसान हरिराम यादव, फेकू सहानी, पवन दुबे, नारद, रामनाथ, राजेश नायक, दिनेश श्रीवास्तव, लकी यादव, कयामुद्दीन राईन आदि का कहना है कि लगातार बारिश होने से महाव का जलस्तर बढ़ गया है। नाले में पानी का दबाव तेज होने के कारण दोपहर तक तटबंध के बराबर पानी बहने लगा। इस वर्ष महाव में सिल्ट सफाई का काम भी नहीं हुआ है न ही मरम्मत हुई। ठूठीबारी क्षेत्र के चंदन व झरही नदी खतरे के निशान तक पहुंच गई है। नदी किनारे गांवों में निवास कर रहे लोगों परेशान हैं।
रपटा पुल पर जलभराव, आवागमन प्रभावित
खनुआ। बारिश से क्षेत्र के नौतनवां-शेख फरेंदा मार्ग पर स्थित रजिया घाट चौराहे के पास डांडा नदी पर बने रपटा पुल पर पानी भर गया है। इससे करमहिया, शेख फरेंदा, केवटिया आदि गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। करमहिया, शेख फरेंदा, केवटलिया आदि तीन तरफ से नदी से घिरा गांव है। एक तरफ नेपाल सीमा है। सुनील, रवि कुमार, कमलेश, जयराम, पितंबर, शिवशंकर यादव, रामकिशुन, दिनेश आदि ने बताया कि बरसात में जब रपटा पुल पर पानी भर जाता है तो दिक्कत होती है। ग्राम प्रधान महेंद्र यादव ने बताया कि पुल पर पानी भर जाने से आवागमन में परेशानी हो रही है। पुल ऊंचा बनाने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा।