नौतनवा। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग लक्ष्मीपुर रेंज के जंगल के किनारे बसे गांवों में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। कभी वह लक्ष्मीपुर रेंज क्षेत्र, तो कभी उत्तरी चौक रेंज के जंगल के किनारे बसे गांवों में कहीं न कहीं दिख जाता है।
कभी जानवरों का शिकार कर अपना निवाला बनाता है, तो कभी जंगल के किनारे पशुओं को चराने गए पशुपालकों पर हमलाकर घायल कर देता है, जिससे ग्रामीणों में दहशत बना रहता है। लक्ष्मीपुर रेंज के अचलगढ़ बीट के जंगल के किनारे बसे गांव कोट कम्हरिया टोला पटखौली में 29 जून को जंगल के किनारे बकरी चरा रही सिताबी देवी तथा जंगल के रास्ते जा रहे पूर्णवासी को तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था।
घटना के छह दिन बीतने के बाद भी लोग खौफजदा हैं। लोग जानवरों को जंगल की ओर लेकर जाने से डर रहे हैं। ग्रामीण बृजेश चौधरी, मुबारक हुसैन, मुन्नीलाल पटेल, गणेश, मनोज सहानी, सुधाकर चौरसिया, श्यामलाल, शिवसहाय, प्रमोद सहानी, कन्हैयालाल, रामबृक्ष, सोनू का कहना है कि लोग इस बात से डरे हुए हैं कि कहीं तेंदुआ गांव में आकर फिर किसी और पर हमला न कर दे। रेंजर वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों को जंगल में न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। संवाद