महराजगंज/निचलौल।
निचलौल और नौतनवा में ग्राम
न्यायालय बनेगा। इसके लिए
हाईकोर्ट के निर्देश पर तहसील
प्रशासन ने भवन सुरक्षित कर
न्यायालय को संस्तुति हेतु
भेजी है। ग्राम न्यायालय की
स्थापना के लिए परिवार न्यायालय
के प्रधान न्यायाधीश ने भवन
का निरीक्षण कर उच्च न्यायालय
को राय भेज दी है।
उच्च
न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश
पर तहसील स्तर पर ग्राम न्यायालय
की स्थापना की जानी है। तहसील
प्रशासन ने परिसर में बने
पुराने तहसील भवन को सुरक्षित
करते हुए अनुमति हेतु उच्च
न्यायालय को पत्रावली भेजी
थी। परिवार न्यायालय महराजगंज
के प्रधान न्यायाधीश डॉ.
बालमुकुन्द ने सुरक्षित
भवन को देख अपनी स्वीकृति
प्रदान कर उच्च न्यायालय को
अपनी राय भेज दी है।
प्रधान
न्यायाधीश ने भवन को अत्याधुनिक
बनाने और परिसर को सुसज्जित
करने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम न्यायालय की स्थापना
के संबंध में उन्होंने कहा
कि ग्राम स्तर के छोटे छोटे
बाद न्यायालय में गंभीर रूप
ले लिए हैं। वादों की स्थिति
बढ़ गयी है। त्वरित व सुलभ
न्याय वादकारियों को नहीं
मिल पा रही है।
ग्राम न्यायालय
में वादकारियों को नि:शुल्क
विधिक सहायता दी जाएगी। सरकार
अधिवक्ता भी नि:शुल्क
उपलब्ध कराएगी। इस दौरान
एसडीएम जितेन्द्र कुशवाहा,
तहसीलदार कुलदेव सिंह,
नाजिर माधव शर्मा,
सुरेन्द्र पाल,
सलाहुद्दीन, हृदय
शंकर सिंह, आदि
उपस्थित रहे।
छोटे-छोटे
मामले ग्राम न्यायालय में ही
निस्तारित किए जाएंगे
अमर उजाला
ब्यूरो
महराजगंज/निचलौल।
निचलौल और नौतनवा में ग्राम
न्यायालय बनेगा। इसके लिए
हाईकोर्ट के निर्देश पर तहसील
प्रशासन ने भवन सुरक्षित कर
न्यायालय को संस्तुति हेतु
भेजी है। ग्राम न्यायालय की
स्थापना के लिए परिवार न्यायालय
के प्रधान न्यायाधीश ने भवन
का निरीक्षण कर उच्च न्यायालय
को राय भेज दी है।
उच्च
न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश
पर तहसील स्तर पर ग्राम न्यायालय
की स्थापना की जानी है। तहसील
प्रशासन ने परिसर में बने
पुराने तहसील भवन को सुरक्षित
करते हुए अनुमति हेतु उच्च
न्यायालय को पत्रावली भेजी
थी। परिवार न्यायालय महराजगंज
के प्रधान न्यायाधीश डॉ.
बालमुकुन्द ने सुरक्षित
भवन को देख अपनी स्वीकृति
प्रदान कर उच्च न्यायालय को
अपनी राय भेज दी है। प्रधान
न्यायाधीश ने भवन को अत्याधुनिक
बनाने और परिसर को सुसज्जित
करने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम न्यायालय की स्थापना
के संबंध में उन्होंने कहा
कि ग्राम स्तर के छोटे छोटे
बाद न्यायालय में गंभीर रूप
ले लिए हैं। वादों की स्थिति
बढ़ गयी है। त्वरित व सुलभ
न्याय वादकारियों को नहीं
मिल पा रही है। ग्राम न्यायालय
में वादकारियों को नि:शुल्क
विधिक सहायता दी जाएगी। सरकार
अधिवक्ता भी नि:शुल्क
उपलब्ध कराएगी। इस दौरान
एसडीएम जितेन्द्र कुशवाहा,
तहसीलदार कुलदेव सिंह,
नाजिर माधव शर्मा,
सुरेन्द्र पाल,
सलाहुद्दीन, हृदय
शंकर सिंह, आदि
उपस्थित रहे।