घंटों मशक्कत के बाद लगा टीका
महराजगंज। टीकाकरण जागरूकता का असर अब गांवों में लगने वाले शिविर में देखने को मिल रहा है। शनिवार को निचलौल क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा से लगे शितलापुर के भट्टी टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। यहां टीका लगवाने के लिए लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
हालांकि तीन बजे शिविर में वैक्सीन समाप्त हो गई। कई लोगों को बिना टीका लगवाए लौटना पड़ा। टीम 100 लोगों के लिए टीका लेकर आई थी। दोपहर 12 बजे तक 50 लोगों को टीका लग चुका था। तीन बजे तक 100 लोगों का टीका लग चुका था। उसके बाद शिविर में टीका समाप्त हो गया। टीम में शामिल एएनएम मोनिका, विजयलक्ष्मी तिवारी ने बताया कि समय से शिविर में पहुंचकर लोगों ने टीका लगवाना शुरू कर दिया था।
आशा कार्यकर्ता राघव और पूनम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला ने गांव में एक दिन पहले ही शिविर लगने की जानकारी दे दी थी। गांव के राजेंद्र, धर्मेंद्र, विजय मल्ल ने बताया कि समय से शिविर में पहुंचे गए थे। उसके बाद टीका लगवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। शिविर के पहले सीएचसी निचलौल और पीएचसी बजही में जाकर करीब 60 लोगों ने पहली डोज लगवा ली है। सतर्कता के चलते गांव में पहली और दूसरी में कोई पॉजिटिव मरीज नहीं मिला था।
टीकाकरण के लिए युवाओं में दिखा उत्साह
गांव के युवा बृजेंद्र (24), ओमप्रकाश (21), मुकेश वरुण (20) ने शिविर में टीका लगवाने के बाद कहा कि टीका लगवाने से जीवन सुरक्षित रहेगा। टीका लगवाने का लंबे समय से इंतजार था। सीएचसी दूर होने के चलते टीका लगवाने में समस्या हो रही थी। गांव में शिविर लगने से काफी फायदा हुआ।
गांव की प्रोफाइल
गांव की आबादी 3800 है। इनमें 2000 पुरुष तथा 1800 महिलाएं हैं। साक्षरता दर 40 प्रतिशत है। 1000 युवा हैं तथा 200 बुजुर्ग हैं। गांव के एक प्रतिशत लोग सरकारी सेवा में हैं। अन्य लोग खेती या मजदूरी करते हैं। जबकि 25 प्रतिशत लोग परदेश में रकहकर प्राइवेट कंपनी में कार्य करते है। महिला साक्षरता दर 10 प्रतिशत है।
‘टीका लगवाने के बाद नहीं हुई समस्या’
शिविर के पहले निचलौल सीएचसी और बजही पीएचसी पहुंचकर दोनों डोज का टीका लगवा चुके गांव के मौवलवर (53), शिवनाथ (80) नगीना (75) ने कहा कि टीका लगने के बाद उन्हें कोई समस्या नहीं हुई। बल्कि टीका लगने के बाद अपने आप को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कोट्स
शिविर में टीका लगने की गांव में एक दिन पहले डुग्गी मुनादी करा दी गई थी। उसके बाद लोगों को घर-घर जाकर टीका का फायदा बताया गया था। लिहाजा शिविर में टीका लगवाने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। दोपहर तक वैक्सीन समाप्त हो गई।
सुरसती देवी, ग्राम प्रधान
जागरूकता की वजह से शिविर में लोगों की भीड़ जुट गई। पुन: उस गांव में शिविर लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा।
डॉ. राजेश द्विवेदी, अधीक्षक, सीएचसी, निचलौल