तीन-चार अज्ञात लोगों के साथ दफ्तर पहुंचकर अभद्रता करने व धमकी देने का आरोप
चिकित्सीय अवकाश को जबरन स्वीकृत कराने के लिए हंगामा करने का आरोप
महराजगंज। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के खंड कार्यालय में मेडिकल अवकाश स्वीकृति को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने अवर अभियंता समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार भारती की ओर से पुलिस अधीक्षक को भेजी गई तहरीर के अनुसार, अवर अभियंता यशवंत गौतम ने 28 मार्च को मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से लिए गए चिकित्सीय अवकाश को जबरन स्वीकृत कराने के उद्देश्य से तीन-चार अज्ञात अराजक तत्वों के साथ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। बताया गया कि उस समय अधिशासी अभियंता शासकीय कार्य से अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान यशवंत गौतम बिना इंतजार किए वहां पहुंचे और अभद्रता करते हुए डराने-धमकाने की कोशिश की।
तहरीर के अनुसार, संबंधित अवर अभियंता चिकित्सीय अवकाश पर होने के बावजूद कार्यालय पहुंचे और अस्वस्थ भी नहीं दिखे। अधिशासी अभियंता के अनुसार, चिकित्सीय अवकाश की स्वीकृति डॉक्टर द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही संभव होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण जनगणना कार्य की ड्यूटी से बचने के उद्देश्य से किया गया प्रतीत होता है, जो कि राजकीय कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली के विरुद्ध है। मामले में कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सदर कोतवाल निर्भय सिंह ने बताया कि मामले में अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग यशवंत गौतम एवं तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।