डीजल के संकट के विरोध में परतावल में किसानों ने गोरखपुर-महराजगंज मार्ग जाम कर किया प्रदर्शन
दाम बढ़ने के बाद भी डीजल-पेट्रोल की किल्लत कायम, कृषि कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान
महराजगंज। जनपद में डीजल-पेट्रोल की किल्लत अभी भी बनी हुई है। डीजल-पेट्रोल के दाम शुक्रवार को तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की दर से बढ़ने के बाद लोगों को ईंधन नहीं मिल रहा है। शनिवार को परतावल में डीजल न मिलने पर क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने गोरखपुर-महराजगंज मुख्य मार्ग जाम कर दिया। इससे आधे घंटे तक राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परतावल प्रतिनिधि के अनुसार, शनिवार की सुबह परतावल क्षेत्र के पिपरपाती स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल लेने पहुंचे किसान घंटों से कतार में खड़े थे। इसी बीच उन्हें बताया गया कि पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है। इसके बाद किसानों के सब्र का बांध टूट गया। देखते ही देखते नाराज किसानों ने ट्रैक्टर और बाइक सड़क पर खड़ी कर गोरखपुर-महराजगंज मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क की दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब आधा घंटा तक यातायात प्रभावित रहा।
बताया जा रहा है कि भोर से ही आसपास के गांवों के किसान ट्रैक्टर, ड्रम और गैलन लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंच गए थे। किसान खेतों की जुताई, धान की नर्सरी और सिंचाई के लिए डीजल लेने आए थे लेकिन लगातार इंतजार के बाद भी डीजल नहीं मिला। इससे नाराज किसानों ने प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
रामदयाल सिंह, धर्मेन्द्र, अरुण, अशोक, छोटे लाल समेत कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि आम किसानों को डीजल नहीं दिया जा रहा है। जबकि चुनिंदा लोगों को आधी रात को तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि इस समय धान की नर्सरी डालने और खेत तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है। यदि समय पर डीजल नहीं मिला, तो खेती पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। किसानों ने कहा कि ट्रैक्टर बंद पड़े हैं। सिंचाई रुक गई है और खेतों की तैयारी नहीं हो पा रही है। कई किसानों ने चिंता जताई कि यदि यही हाल रहा तो इस बार खेत परती रह जाएंगे और उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
जाम हटाया लेकिन दी चेतावनी
पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से किसानों को समझाकर सड़क से जाम हटवाया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही डीजल की किल्लत अब आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी गंभीर संकट बनती जा रही है। एसओ अभिषेक सिंह ने बताया कि जाम की सूचना पर पुलिस पहुंची है। आवागमन सुचारू रूप से संचालित कराया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
मिठौरा में गाड़ियों से ज्यादा लंबी लाइन गैलनों और डिब्बों की
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर शनिवार को डीजल-पेट्रोल के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। गाड़ियों से ज्यादा लंबी लाइन गैलनों और डिब्बों की दिखाई दी। डीजल आने की सूचना मिलते ही ट्रैक्टर लेकर किसान पंपों पर पहुंच गए। शहर निवासी ट्रांसपोर्टर हरिद्वार प्रसाद ने बताया कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से कारोबार काफी प्रभावित होगा। इससे ट्रांसपोर्ट का भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। नहीं तो काफी नुकसान होगा। वहीं मनोज ने कहा कि एक तो डीजल-पेट्रोल मिल नहीं रहा है। ऊपर से दाम भी बढ़ा दिया गया।
अधिकारियों की भी नहीं सुन रहा पंप संचालक
डीजल-पेट्रोल की किल्लत से हर व्यक्ति परेशान है। शनिवार को मुख्यालय स्थित पेट्रोल पंप पर जान-पहचान वालों को ही डीजल वितरित किया जा रहा था। इससे जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। दोपहर में डीजल का वितरण किया गया। आरोप है कि इसके बाद मशीन खराब होने का बहाना बनाकर डीजल वितरण बंद कर दिया गया। इसके बाद भी लोग डीजल के लिए अपना गैलन लेकर खड़े नजर आए। इस संबंध में जब जिलापूर्ति अधिकारी से पूछा गया तो उनका कहना था कि उसके पास तेल आया ही नहीं। अब समझ में यह नहीं आ रहा है कि जब तेल आया ही नहीं तो संचालक ने वितरित कहां से किया।
पर्याप्त डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता का दावा, 17 पंप बंद
पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध होने का जिम्मेदार दावा कर रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध है तो वितरित क्यों नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जनपद में नौ लाख लीटर डीजल और आठ लाख लीटर पेट्रोल उपलब्ध है। जिले में करीब 144 पेट्रोल पंप संचालित होते हैं। इसमें से करीब 17 बंद पड़े हैं।
स्पीकअप
समय से डीजल नहीं मिल रहा है। इसके चलते किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। सुबह से ही डीजल के लिए लाइन लगाना पड़ रहा है। समय से डीजल नहीं मिला तो खेती-किसानी प्रभावित होगी।
-राधा रमण चतुर्वेदी, बौलिया राजा
.....................................
डीजल-पेट्रोल की किल्लत चल रही है। डीजल न मिलने के कारण खेतों की सिंचाई और जुताई नहीं हो पा रही है। ऊपर से डीजल-पेट्रोल के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
-राघव मिश्र, सेखुई
................
डीजल-पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कहीं भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। सभी को डीजल-पेट्रोल दिया जा रहा है।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी