महराजगंज। लंबे अरसे से दवा विक्रेता संगठन में चल रहा रार रविवार को समाप्त हो गया। दवा विक्रेता संघ दो गुट में बंट गए। इसके बाद पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। पहले गुट के नगर अध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी तो दूसरे के अशोक चौरसिया जिलाध्यक्ष चुने गए। चुनाव पर्यवेक्षक की निगरानी में हुआ। दोनों गुटों ने अपने खेमे में व्यापारियों की अच्छी खासी संख्या जुटाकर अपनी ताकत का एहसास कराया।
पहले गुट का नाम कमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन यानी सीडीए रखा गया है तो दूसरे संगठन का नाम केमिस्टस एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन है। रविवार को दोनों संगठनों की ओर से शहर के एक मैरिज हाल में चुनाव कराया गया। पहले संगठन कमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन का चुनाव शहर के एक मैरिज हाल में हुआ। रिजन महामंत्री दिलीप सिंह, जोन अध्यक्ष अजय बंका की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई। सभी सदस्यों की सहमति के बाद पुरानी कमेटी बहाल कर दी गई। जिलाध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला मंत्री विनय कुमार नायक, जिला कोषाध्यक्ष गौतम जोशी को नियुक्ति प्रमाण पत्र दिया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
मुख्य चुनाव अधिकारी अशोक कुमार जोशी, सहायक चुनाव अधिकारी शंभूलाल वर्मा व विनोद कुमार विमल ने चुनाव की प्रक्रिया को समय से शुरू कराया। जिलाध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि दवा विक्रेताओं के हित के लिए संषर्घ करेंगे। नगर से लेकर कस्बे की कमेटियों को मजबूत किया जाएगा।
उधर, दूसरे गुट केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन की नगर कमेटी का चुनाव निर्विरोध हुआ। मुख्य चुनाव अधिकारी कन्हैया लाल टिबड़ेवाल ने बताया कि नगर अध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी, नगर महामंत्री अमरनाथ पटेल, नगर कोषाध्यक्ष रमेश कुमार गुप्त को बनाया गया। नव निर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र दिया गया।
संरक्षक चक्रपाणि पांडेय, नगर संगठन मंत्री मोहित, नगर मीडिया प्रभारी सुनील, नगर उपाध्यक्ष आशीष, अजय, विनोद, आलोक आदि बनाए गए। संयुक्त मंत्री रामकृपाल, रोहित, अमित आदि चुने गए। कार्यक्रम का संचालन जिला कोषाध्यक्ष संजीव कश्यप ने किया। सहायक चुनाव अधिकारी संजय पांडेय ने चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। नव निर्वाचित नगर अध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सभी दवा व्यापारी एकजुट हैं। दुकानों की बेवजह जांच करने पर दवा व्यापारियों को परेशान कराने की कोशिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।