महराजगंज। बभनौली चौराहे से भटहट तक 11 किमी सड़क चौड़ी हुई है। करीब तीन साल का वक्त गुजर जाने के बाद भी वन विभाग की ओर से एनओसी नहीं दिए जाने के कारण दो किमी सड़क अधूरी पड़ी है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बभनौली चौराहे से भटहट तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना का कार्य वन विभाग की ओर से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं मिलने के कारण अधूरी पड़ी है। वर्ष 2021 में शासन स्तर से 11 किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण की स्वीकृति मिली थी।
इसके लिए प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को 36 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। बभनौली जंगल में करीब दो किमी एक लेन वन विभाग की भूमि पर होने के कारण चौड़ी नहीं हो सकी है। यह सड़क महराजगंज और गोरखपुर जिलों को जोड़ने के लिए काफी महत्वपूर्ण है। वन विभाग की मंजूरी न मिलने से परियोजना अब भी अधूरी पड़ी है।
यहां पर तीन परतें (लेयर) गिट्टी बिछाई गई थीं, लेकिन समय के साथ वह उखड़ चुकी हैं। अधूरी सड़क के कारण महराजगंज और गोरखपुर के निवासियों को भारी असुविधा हो रही है। यात्रा के दौरान गड्ढों और कच्ची सड़क के कारण समय अधिक लगता है। हादसे का भी खतरा बना रहता है।
साथ ही, स्थानीय व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पादों को गोरखपुर तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।