सोनौली सीमा पर लगा मालवाहक ट्रकों का जाम।
भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर पर नेपाल में भारतीय ट्रकों को एंट्री नहीं मिलने से सीमा पर करीब 12 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। बताया जा रहा है कि नेपाल कस्टम में एमआरपी लेबलिंग की अनिवार्यता और दो दिन शनिवार और रविवार अवकाश होने के कारण माल वाहक ट्रकों एंट्री और एग्जिट नहीं हो पा रही है, जिससे सोनौली सीमा पर 12 किमी लंबी एक लेन पूरी तरह से जाम हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सोनौली बॉर्डर से लेकर नौतनवा के भुंडी चौराहे तक करीब 12 किलोमीटर तक एक लेन पूरी तरह से बंद है। इस तरह का जाम पिछले एक साल बाद देखने को मिल रहा है। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल ने अपने देश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नेपाल कस्टम में एमआरपी लेबलिंग को अनिवार्य कर दिया है।
इस कारण मालवाहक वाहन नेपाल में जाकर फंस गए हैं। नेपाल भंसार में पार्किंग तक ही सोनौली से नेपाल जाने वाले माल वाहक ट्रकों को एंट्री कम मिल रही है। बुधवार की शाम 6 बजे तक केवल 170 गाड़ियों को ही प्रवेश मिल सका था। मंगलवार को 276 और सोमवार को 247 गाड़िया नेपाल गईं थीं।
इसको लेकर छोटे व्यापारी काफी परेशान हैं। वहीं बड़े व्यापारियों के लिए भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। चालक सुखबीर, हरिंदर ,व्यास निवासी पंजाब ने बताया कि शनिवार से बॉर्डर पर हैं, नेपाल में गाड़ियों की एंट्री नहीं हो पा रही है। स्थानीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी संजय कुमार ने बताया कि चार दिन से गाड़ियां बॉर्डर पर फंसी हैं।
कुछ गाड़ियां जहां पर थी, वही खड़ी हैं। नेपाल में पहले 400 के करीब गाड़ियां एंट्री करती थीं। इधर तीन चार दिनों से 300 ट्रक भी नेपाल में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। इनमें आधे से अधिक फल व सब्जी लदी गाड़ियां है।
प्रभारी कोतवाल रामचंदर राय ने बताया कि प्रतिदिन के हिसाब से जितने भारतीय ट्रक नेपाल जाते थे, उतने प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। जाम की स्थिति इसी वजह से है। भंसार के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।