पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के वनग्राम अचलगढ़ के दक्षिणी हिस्से में बुधवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल की ओर गए ग्रामीणों पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में एक युवती समेत तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकलने से डरने लगे।
घायलों को सीएचसी लक्ष्मीपुर में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर रेंज के वनग्राम अचलगढ़ निवासी ईशा (19 वर्ष) पुत्री मंगरू बुधवार की सुबह करीब छह बजे गांव के पास जंगल की तरफ गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया।
ईशा के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए। बताया जा रहा है कि हमला करने के बाद तेंदुआ झाड़ियों में छिप गया।
उसी समय पास में मौजूद नीरज (16 वर्ष) पुत्र शौकीलाल भी तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीण कुछ समझ पाते, इससे पहले तेंदुआ तेजी से भागते हुए गांव के ही मुरलीधर (69 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय सुमेर पर भी हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
ग्रामीणों के शोर मचाने और लोगों के जुटने के बाद तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया और घने इलाके में जाकर छिप गया। घटना की सूचना कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त हो गया। महिलाएं और बच्चे खास तौर पर सहमे हुए हैं। कई लोगों ने जंगल और खेतों की तरफ जाना बंद कर दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने घायल तीनों लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार तीनों घायल तेंदुए के पंजों और दांतों से घायल हुए हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पर लक्ष्मीपुर चौकी प्रभारी संजय सिंह तथा वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन दारोगा आलोक मिश्रा ने घायलों और ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। वन विभाग की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण भी किया और आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।
घटना को गंभीरता से लिया गया है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है तथा तेंदुए की तलाश जारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे फिलहाल जंगल की ओर न जाएं और सावधानी बरतें। साथ ही वनकर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके: वेदप्रकाश शर्मा, रेंजर लक्ष्मीपुर