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Maharajganj News: रेनकट व रैटहोल से जर्जर हुआ त्रिमुहानी बांध, बाढ़ के खतरे से सहमे लोग

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फरेंदा क्षेत्र का जर्जर बांध।
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बांध पर रेनकट व रैटहोल होने से आसपास के लोगों को बाढ़ का खतरा
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बांध की मरम्मत के नाम पर किया गया है खानापूर्ति, जगह-जगह रैन कट व रैट होल
फरेंदा। मानसून आने के बाद भी त्रिमुहानी बांध को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। बांध की हालत अभी भी जर्जर है। बांध के बीच में रेनकट व रैटहोल साफ दिख रहे हैं। ऐसे में आसपास बसे लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर विभाग हर साल सिर्फ खानापूरी करता है। जबकि जिम्मेदारों का कहना है कि बारिश में रेनकट होते रहते हैं। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।
फरेंदा क्षेत्र के रोहिन नदी के किनारे बना त्रिमुहानी बांध करीब आठ किलोमीटर लंबा है। कई जगहों पर रेनकट व रैटहोल के कारण बांध की हालत जर्जर हो चुकी है। बांध की कमजोर हालत को देखते हुए आसपास के लोगों को चिंता सता रही है। बांध के किनारे झावाकाेट, भगवानपुर, भैसहिया, पंडितपुर, जलालगढ़, हरैया, गढ़वा सहित कई गांव बसे हैं। बांध पर वाहन आने-जाने के कारण बांध में जगह जगह गड्ढे बने हुए हैं।
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क्षेत्र के अमरजीत यादव, जगदंबा, शिवनाथ, मुराती देवी सहित कई लोगों ने बताया कि बांध का समय रहते मरम्मत नहीं होता है। बरसात का दिन आ गया अब मरम्मत कैसे होगा। बाढ़ आ गया तो क्षेत्र के कई गांव पानी में डूब जाएंगे साथ ही फसल भी बर्बाद होगी। जिम्मेदार अगर समय से पहले रेनकट और रैटहोल भर लेते तो यह दिक्कत नहीं होती है।
लोगों का कहना है कि अगर बांध मरम्मत का काम समय से हो जाए तो लोगों को बाढ़ का दंश झेलना ही नहीं पड़ेगा। जिम्मेदार तो काम चल रहा है कहकर अपनी जिम्मेदार निभा लेते हैं लेकिन सारी परेशानी तो ग्रामीणों को झेलनी पड़ती है।
स्पीकअप
बांध की हालत खराब है। कई जगहों पर बरसात के कारण बांध की मिट्टी बहने से गड्ढे बन गए हैं। बांधों की हालत में सुधार नहीं दिख रहा है। बाढ़ आने पर गांवों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है।
-जीतेंद्र कुमार, भैसहिया

बांध की मरम्मत सही ढंग से नहीं होने का नतीजा है कि बाढ़ आने के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बरसात के पहले विभाग गड्ढों को भरकर मरम्मत की खानापूरी कर लेता है। करोड़ों खर्च के बाद बांध में गड्ढे पड़े हुए है।
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- धनंजय यादव, पंडितपुर
वर्जन
बारिश के समय में रेनकट होता रहता है। बांध पर जहां दिक्कत हो रही है वहां पर दुरुस्त कराया जा रहा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। बांध पूरी तरह से मजबूत है।
- जितेंद्र कुमार पटेल, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग द्वितीय
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