महराजगंज। ट्रेने निरस्त होने के कारण रोडवेज बसों पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। यात्रियों को अधिक किराया देने के साथ ही दुश्वारियां भी झेलनी पड़ रही हैं। महराजगंज शहर के बस स्टेशन पर यात्रियों को बस में सवार होने के लिए धक्का-मुक्की करनी पड़ी। इधर, प्रत्येक दिन डिपो में तीन से चार बसें खड़ी रहती हैं। मंगलवार को गोरखपुर जाने के लिए यात्री पमड़ पड़े। सीट पाने के लिए उन्हें काफी जद्दोजहद करनी पड़ी।
महराजगंज डिपो से 55 बसों का संचालन होता है। इसमें 15 अनुबंधित बसें शामिल हैं। जिला मुख्यालय पर आने के लिए रेलवे की सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां यात्री पूरी तरह से रोडवेज या निजी वाहनों पर निर्भर है, लेकिन रोडवेज की सेवा ठीक नहीं मिलने से यात्री परेशान रहते हैं। बसें समय पर नहीं मिलतीं। देर से बसें आती हैं तो यात्रियों को चढ़ने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम की सभी बसों के संचालन के लिए 100 परिचालकों की जरूरत है, लेकिन 80 परिचालक तैनात हैं। बस स्टेशन पर मिले सर्वेश तिवारी ने बताया कि गोरखपुर जाने के लिए स्टेशन पर दो घंटे इंतजार करना पड़ा। बस आने के बाद बैठने में परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि दूसरी बस आई तो उसमें बैठने के लिए किसी तरह से जगह मिली है। गोरखपुर बच्चों के साथ जा रही संगीता देवी ने बताया कि बस में बैठने के लिए जगह नहीं मिली तो निजी वाहन से जाने के लिए टैक्सी स्टैंड की ओर जा रही हूं। इसी तरह से अन्य यात्रियों ने भी समस्याओं का जिक्र किया।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सर्वजीत वर्मा ने बताया कि बसें पर्याप्त हैं। सभी रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को समस्या न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।