शौचालयों में ताला, खुले में शौच जाना मजबूरी
निचलौल (महराजगंज)। क्षेत्र के अधिकांश गांवों में सामुदायिक शौचालयों का आधा अधूरा कार्य कराकर पूर्ण करा दिया गया है जिसके चलते वर्षों बाद भी इन शौचालयों में ताला लटक रहा है। शौचालयों में ताला लटकने से ग्रामीणों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। शुक्रवार को पड़ताल में अधिकांश गांवों के सामुदायिक शौचालयों पर ताला लटका मिला।
मोजरी गांव में सामुदायिक शौचालय पर ताला लटका था। शौचालय के पास पेड़ की छांव में बैठे ग्रामीण रामबेलास ने बताया कि एक वर्ष पहले शौचालय का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अभी भी शौचालय का कार्य अधूरा है। शौचालय के छत पर बगैर मोटर और बिजली कनेक्शन के टंकी लगा दी गई है। जिसके चलते शौचालय में ताला लटक रहा है।
मुसहर बस्ती भेड़ियारी के टोला कटान में भी सामुदायिक शौचालय का यही हाल रहा। ग्रामीण गीता देवी ने बताया कि शौचालय का फर्स नहीं बना है। बगैर मोटर लगे शौचालय के छत पर पानी टंकी लगा दी गई। शौचालय का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं है। जिसके चलते शौचालय नहीं खुलता है।
गेड़हवा गांव के सामुदायिक शौचालय का हालात तो सबसे खराब देखने को मिली। ग्रामीण विनोद ने कहा कि यहां पर जिम्मेदारों द्वारा बगैर मोटर और बिजली कनेक्शन के शौचालय के छत पर ईंट की टंकी बनवा दी। इतना ही नहीं, शौचालय में सीट और टाइल्स भी नहीं लगा है। जिसके चलते ताला लटकता रहता है। सिधावें गांव के सामुदायिक शौचालय का हालात भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, क्योंकि यहां पर भी ताला लटका रहा।
क्षेत्र में कितने सामुदायिक शौचालय संचालित है उन्हें इनकी जानकारी नहीं है। फिलहाल एडीओ पंचायत से जानकारी लेकर ताला लटक रहे शौचालयों को संचालित कराया जाएगा।
चंद्रशेखर कुशवाहा, बीडीओ, निचलौल