फुलवरिया में अंश निर्धारण कार्यक्रम को संबोधित करते डीएम संतोष कुमार शर्मा।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत फुलवरिया में ग्रामीणों को सहमति के आधार पर अंश निर्धारण कराने के लिए किया प्रोत्साहित
राजस्व अभिलेखों (खसरा-खतौनी) में नाम और हिस्सा दर्ज होने से भविष्य में कानूनी विवादों से होता है बचाव
महराजगंज। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खतौनी में खातेदारों/सह खातेदारों के गाटों के अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों का संशोधन दर्ज हो रहा है। सोमवार को विशेष अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सदर तहसील स्थित ग्राम पंचायत फुलवरिया में ग्रामीणों को सहमति के आधार पर अंश निर्धारण कराने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ग्राम फुलवरिया को भूमि विवाद मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संदर्भ में जिला प्रशासन की ओर से विशेष प्रयास किया जा रहा है। सभी से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर अंश निर्धारण कराएं। उन्होंने कहा कि अंश निर्धारण को सहमति के आधार पर कराने से प्रत्येक सह-खातेदार का हिस्सा अलग-अलग तय हो जाता है, जिससे यह साफ हो जाता है कि किसकी कितनी भूमि है। पारिवारिक या साझेदारी से जुड़े भूमि विवाद समाप्त या बहुत कम हो जाते हैं।
अंश निर्धारण के बाद हर व्यक्ति अपनी भूमि पर खेती, निर्माण, बिक्री या पट्टा स्वतंत्र रूप से कर सकता है। राजस्व अभिलेखों (खसरा-खतौनी) में नाम और हिस्सा दर्ज होने से भविष्य में कानूनी विवादों से बचाव होता है। किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, मुआवजा, अनुदान आदि योजनाओं का लाभ सीधे संबंधित खातेदार को मिलता है। जिलाधिकारी ने कहा कि परस्पर सहमति के आधार पर खातेदार अपना अंश निर्धारण करा सकते हैं। इस अवसर पर तहसीलदार सदर और नायब तहसीलदार सदर ने ग्रामीणों से अंश निर्धारण के लिए आवेदन पत्र प्राप्त किया गया।