महराजगंज। पिछड़ा वर्ग विभाग में फर्जीवाड़ा कर छात्रवृत्ति प्राप्त करने पर मौजूदा सत्र में शासन व विभाग की सक्रियता से रोक लगेगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासनस्तर से बायोमेट्रिक प्रक्रिया शुरू कर दी गहै।
नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को स्कूल में आकर अंगूठे का निशान देना होगा, इसके बाद ही नियमानुसार उन्हें छात्रवृत्ति मिल सकेगी। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान लेने की प्रक्रिया 10 दिन बाद शुरू होगी।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कन्हैया यादव ने बताया कि शासन की तरफ से पूर्व दशम व दशमोत्तर के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। पहले स्कूल प्रबंधन एडमिशन लेने के बाद छात्रवृत्ति लेने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते थे। इसके बाद स्कूल से ऑनलाइन जांच के लिए लखनऊ जाती थी। बाद में विभाग के पास आती थी। इसके बाद कार्यालय से भुगतान दे दिया जाता था। इस प्रक्रिया में प्रदेश के कई जनपदों में गड़बड़ी पाई गई थी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन की तरफ से बायोमेट्रिक मशीन का सहारा लिया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब छात्रवृत्ति लेने के लिए पहले स्कूल के प्रधानाचार्य को व छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी को छात्रवृत्ति के पोर्टल पर अंगूठे के निशान देने होंगे। यही वेब पोर्टल स्कूल में प्रिंसिपल और नोडल अधिकारी के अंगूठे के निशान से खुलेगा। इसके बाद वह अपने स्कूल के आवेदनकर्ता विद्यार्थी से अंगूठे का निशान लेंगे। जांच के बाद डाटा लखनऊ जाएगा। इसके बाद ही विभाग को छात्रवृत्ति देने के आदेश मिलेंगे। अंगूठे के निशान का एडमिशन रजिस्टर से मिलान किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा। 27 अक्तूबर तक सभी स्कूलों को आवेदन अग्रसारित करना था जो बीत चुका है। दीपावली अवकाश के बाद अंगूठे का निशान लेने की व्यवस्था समाज कल्याण विभाग की मदद से प्रारंभ होगी।र