महराजगंज। निचलौल क्षेत्र के बहुआर खुर्द गांव में 11 वर्ष पूर्व जमीनी विवाद को लेकर हुए मारपीट के मामले में जिला जज अजय कुमार सिंह ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अभियुक्त नर्मदा यादव, राजकिशोर यादव और सिंहासन यादव को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 10 फरवरी 2014 की सुबह बहुआर खुर्द गांव में हुई थी। पीड़ित राहुल गुप्ता अपने पिता श्याम सुंदर और माता बिंदा देवी के साथ अपने खेत में काम करने गया था। यह खेत गांव के ही राधेश्याम यादव के साथ कब्जे को लेकर विवादित था। राहुल और उसके परिवार को खेत में काम करते देख राधेश्याम के भाई नर्मदा यादव, राजकिशोर यादव और सिंहासन यादव ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में राहुल और उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। जब पीड़ित परिवार भागकर अपने घर में छिपा तो आरोपियों ने उनके घर में घुसकर भी मारपीट की। इस घटना ने गांव में तनाव पैदा कर दिया था। राहुल गुप्ता की तहरीर पर निचलौल थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों नर्वदा यादव, राजकिशोर यादव और सिंहासन यादव के खिलाफ गोलबंद होकर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया था।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई के दौरान जिला जज ने अभिलेखीय साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना। पीड़ित पक्ष की ओर से ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए, वहीं बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें रखी। लेकिन साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपितों का अपराध सिद्ध हो गया।