निचलौल। दोस्त का जन्मदिन मनाने निकले चार दोस्तों की मौत के बाद पचमा गांव में मातम पसर गया है। केक पर मोमबत्तियां सजाकर जन्मदिन की खुशियां मनाने निकले युवकों के घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मरने वाले तीन युवक तीन सगे भाइयों के बेटे थे। जिस सन्नी का जन्मदिन था वह दो बहनों का इकलौता भाई था।
जानकारी के अनुसार, खुशियां मनाने निकले सभी युवक एक ही बाइक पर सवार थे। डंपर की टक्कर से बाइक भी चकनाचूर हो गई और एक साथ एक ही परिवार के चिराग बुझ गए। वहीं चौथे मृतक शिव का कोई पता-ठिकाना देर रात तक पता नहीं चल सका है।
निचलौल थानाक्षेत्र के पचमा गांव निवासी बुजुर्ग राधेश्याम के तीन बेटे क्रमश: राम कयास, संतोष व व्यास हैं। राम कयास का एक बेटा सन्नी व दो बेटी अंशु व निशा हैं। जबकि संतोष के दो बेटे विवेक व शिव और व्यास के दो बेटे किशन व रवि हैं।
संतोष की परदेस में कमाते वक्त करीब दो साल पहले तबीयत खराब हो गई थी। घर आए तो उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं राम कयास व व्यास आज की तारीख में परदेस में कमाने गए हैं। मंगलवार को सन्नी का जन्मदिन मनाने निचलौल जा रहे चार युवकों की जो डंपर की टक्कर से मौत हुई उनमें रामकयास का बेटा सन्नी, संतोष का बेटा विवेक व व्यास का बेटे किशन की मौत हो गई। ऐसे में अब स्व: संतोष का बेटा शिव व व्यास का बेटा रवि ही जिंदा रह गए हैं। दादा का राधेश्याम का तो रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं सन्नी की बहनें बस रो-रोकर एक बात दोहरा रही हैं कि इस बार राखी किसे बांधेंगी।