महराजगंज। जनपद के ग्रामीण मार्गों पर रोडवेज बसों की सीमित संख्या के कारण डग्गामार वाहनों का बोलबाला है। ये निजी वाहन रोडवेज बस स्टेशन के मुख्य द्वार से ही सवारियां भरते हैं। इससे रोडवेज का राजस्व घट रहा है।
महराजगंज डिपो से वर्तमान में 70 रोडवेज और छह अनुबंधित बसें चलती हैं। चौक, पनियरा, बागापार, घुघली, पुरैना, लक्ष्मीपुर और श्यामदेउरवा जैसे कई मार्गों पर बसों की संख्या बहुत कम है। चौक और पनियरा मार्ग पर दिनभर में केवल दो से तीन बसें चलती हैं। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें सुबह आठ से 11 और शाम चार से सात बजे के बीच बसें नहीं मिलतीं।
मजबूरी में यात्री जीप, ऑटो और मैजिक जैसे डग्गामार वाहनों का सहारा लेते हैं। ये वाहन क्षमता से दोगुनी सवारी भरते हैं और इनका किराया भी तय नहीं होता। महराजगंज और फरेंदा बस स्टेशन के 50 मीटर दायरे में भी निजी संचालक खुलेआम सवारी भरते हैं। रोडवेज कर्मचारी इसे देखते रहते हैं, पर रोकते नहीं, जिससे रोडवेज की बसें अक्सर खाली रह जाती हैं।
एक घंटे तक इंतजार करते रहे यात्री
रविवार दोपहर बस स्टेशन पर कुल सात यात्री चौक जाने वाली रोडवेज बस का इंतजार कर रहे थे। अनीता ने बताया कि एक घंटे से चौक मार्ग पर कोई बस नहीं आई। लखनऊ से आए रंजीत को भी चौक के लिए बस नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि निजी वाहन पूरी तरह भरकर निकलते हैं, जिससे दुर्घटना का भय रहता है।
शुरू किया गया अभियानडग्गामार वाहनों की बढ़ती पैठ और राजस्व हानि को देखते हुए रविवार को अभियान शुरू किया गया। परिवहन निगम और उप संभागीय परिवहन कार्यालय ने यह संयुक्त पहल की है। प्रभारी एआरएम संजय प्रेमी ने बताया कि डिपो कर्मचारियों को भी निगरानी के लिए लगाया गया है।
पहले दिन बिना परमिट चल रहे तीन वाहन सीज
एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के पहले दिन फरेंदा में तीन परमिट रहित वाहन सीज किए गए। यह अभियान पूरे महीने चलेगा और डग्गामार वाहनों को सीज किया जाएगा।