मंचासीन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति जफीर अहमद।
महराजगंज। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन महराजगंज की ओर से शनिवार को वकालत के समक्ष वर्तमान चुनौतियां और भविष्य की वकालत विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ।सेमीनार में मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति जफीर अहमद ने कहा कि अनिवार्य रूप से ब्रीफ-नोट तैयार करें, जो क्रमवार, तथ्यात्मक और साक्ष्य-आधारित हो।
उन्होंने कहा कि जिरह की पूरी तैयारी आवश्यक है, जो भौतिक या वर्चुअल पेशी दोनों में प्रभावी सिद्ध होती है। न्यायमूर्ति ने युवा अधिवक्ताओं के लिए विधिक सेवा और न्यायिक सेवा में अपार संभावनाओं का उल्लेख किया व महिलाओं की इस क्षेत्र में उत्कृष्ट भूमिका की सराहना की।
अतिरिक्त महाधिवक्ता अशोक मेहता ने कहा कि मुकदमे के परीक्षण के दौरान कोर्ट रूम में न्यायाधीश न केवल बहस और जिरह सुनता है, बल्कि मुवक्किल की भाव-भंगिमाओं को भी पढ़ता है। वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार गुप्त ने कहा कि अधिवक्ता न केवल कानूनी मुद्दों का हल निकालते हैं, बल्कि ग्राहकों की मानसिक उथल-पुथल को भी शांत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिला जज अजय कुमार सिंह ने भी विचार व्यक्ति किए।