महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग ने 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों को आसपास के स्कूलों में विलय करने का आदेश प्रभावी किया है। निर्देश थे कि ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक व शिक्षक संगठनों से जिला स्तरीय जिम्मेदार वार्ता व जागरूकता से पक्ष में जरूर करें।
विभाग ने इसकी जरूरत नहीं समझी और सिर्फ 295 कम नामांकन वाले स्कूलों को स्पष्टीकरण का नोटिस थमा दिया। अब इसपर विभाग व शिक्षक संगठनों में रार मच गया है। शिक्षक संगठन इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम का हनन बता रहे हैं और इसे वापस लेने की आवाज बुलंद करने लगे हैं।
जनपद में 1705 स्कूलों का संचालन प्रभावी है। नया शिक्षा सत्र अप्रैल 2025 में शुरू हुआ तो स्कूल चलो अभियान विभाग ने दो फेज में चलना निर्धारित किया। पहला अप्रैल में तो दूसरा फेज जुलाई में होना था। पहले चरण में अगर 295 स्कूलों में पर्याप्त नामांकन नहीं हुआ तो दूसरे फेज के बिना चले ही निर्धारण कैसे किया जा रहा शिक्षकों के इस सवाल का जवाब नहीं है। इसके अलावा लाखों कायाकल्प पर खर्च किए जाने के बाद विभाग बंद स्कूलों का क्या करेगा और संरक्षण कैसे होगा।
बीट नर्सरी सहित कई अन्य स्कूल जो स्पष्टीकरण की सूची में शामिल हैं उनमें बिजली कनेक्शन इसी वर्ष विभाग ने जुड़वाया।
जिन स्कूलों का विलय किया जा रहा उन्हें स्पोर्ट्स ग्रांट व कंपोजिट ग्रांट कैसे मिलेगा इसके लिए किसी तरह की जानकारी न देना भी शिक्षक व विभाग के बीच में रार को मजबूती दे रहा है।