महराजगंज। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। आरोग्य मेले में उल्टी-दस्त, बुखार, खुजली व खांसी जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज इलाज के पहुंचे।
कई केंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीजों को इलाज कराने में दिक्कत हुई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बजही में सुबह 10:30 बजे डॉक्टर कालिंदी सिंह मरीजों का इलाज करते मिलीं। वहां इलाज के लिए पहुंचीं आराध्या ने बताया कि उन्हें उल्टी-दस्त है।
डॉक्टर ने जरूरी दवाएं और ओआरएस पाउडर दिया। चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार है। आरोग्य मेले में डॉक्टर ने सप्ताह भर की दवा दी और कहा की आराम न मिले तो जिला अस्पताल में दिखाएं।
श्यामदेउरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 11:15 बजे डॉ. मीरा चौधरी मरीजों का इलाज करती दिखीं। वहां पहुंची छाया ने बताया कि उनके छह वर्षीय बेटे को खुजली की समस्या थी। पहले परतावल के एक क्लिनिक से इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला।
आरोग्य मेले में डॉक्टर ने एंटीबायोटिक और लगाने की क्रीम दी और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी। दिवाकर ने भी बताया कि उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत थी, जहां डॉक्टर ने उन्हें लू से बचने की सलाह दी और कहा कि जल्द आराम मिल जाएगा।
कोहड़वल पीएचसी पर दोपहर 12:38 बजे डॉक्टर एसएन प्रसाद मरीजों का इलाज करते मिले। वहां दयाराम ने बताया कि उन्हें दो दिन से उल्टी-दस्त की समस्या थी, लेकिन वहां विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। मौजूद डॉक्टर ने कुछ दवाएं दीं और कहा कि अगर राहत न मिले तो जिला अस्पताल जाएं।
वहीं, मिनाक्षी ने बताया कि उन्हें तेज बुखार और खांसी थी, लेकिन डॉक्टर ने केवल एंटीबायोटिक दवाएं दीं, खांसी के लिए कोई सिरप नहीं दी गई। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में तैनात सभी डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही न हो। अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं को मरीजों की बीमारी के अनुसार वितरित किया गया।