फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: बंद हुए आरोग्य मंदिर, सीएचसी-पीएचसी पर बढ़ा दबाव

विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। जिले में सीएचओ व एएनएम के कार्य बहिष्कार व हड़ताल का असर अब जिले के सीएचसी व पीएचसी पर पड़ने लगा है। आरोग्य मंदिर बंद हुए तो दबाव अन्य केंद्रों पर बढ़ गया है।
विज्ञापन

बीते तीन दिन से जिले के आरोग्य मंदिर, उप स्वास्थ्य केंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर टीकाकरण, जांच व इलाज बंद हो गया मरीजों ने अपने नजदीकी सीएचसी व पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल की राह पकड़ ली। आलम ये हुआ इन अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हो गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के कार्य बहिष्कार के चलते 179 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाएं प्रभावित हैं। वहीं संविदा एएनएम समेत अन्य एनएचएम कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं। इसका असर टीकाकरण, टेलीमेडिसिन और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। आरोग्य मंदिरों पर सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों का दबाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर बढ़ा है।
विज्ञापन

कई केंद्रों पर ओपीडी करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। सदर सीएचसी अधीक्षक डॉ. केपी सिंह ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से क्षेत्र के आरोग्य मंदिरों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसके चलते मरीज इलाज के लिए सदर सीएचसी पहुंच रहे हैं। बागापार समेत अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। घुघली सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित विक्रम सिंह ने बताया कि स्थायी एएनएम अपने केंद्रों पर नियमित रूप से बैठकर टीकाकरण समेत अन्य जरूरी कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से आरोग्य मंदिरों की सेवाएं प्रभावित हैं। इससे सीएचसी की ओपीडी में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जिला अस्पताल में दिया धरना, सीएमएस को सौंपा ज्ञापन : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा। कर्मचारियों ने लंबे समय से सेवा देने के बावजूद नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने कहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत अन्य राज्यों में संविदा कर्मियों के हित में बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं।
ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी सेवा सुरक्षा, वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। इस दौरान दीपक वर्मा, मुकेश कुमार, हरदेव, अरविंद, विकास, राजेंद्र, मिथिलेश, अजीत, डॉ. हरिकेश, डॉ. वैभव, साधना, मंजू और राहुल समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
मांगों के निस्तारण तक जारी रहेगा एनआरएचएम कर्मियों का धरना : फरेंदा। संघर्ष समिति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के निर्देशन में फरेंदा ब्लॉक के एनआरएचएम कर्मियों का पांच सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने मांगों के निस्तारण तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। एनआरएचएम कर्मियों ने कहा कि मांगों को लेकर पूर्व में भी अधिकारियों और शासन स्तर पर ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस दौरान कृष्णा मौर्य, आजाद मिश्रा, विक्रम सिंह, रेनू, आकांक्षा, विजयलक्ष्मी, मीरा गोस्वामी, सुमन शिवम, कार्तिका, पूजा, सलोनी, ममता, सरोज, निधि, रुबी सिंह, संगीता मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें