महराजगंज। घुघली थाना क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली एक युवती की हत्या के आरोप में उसके पिता और भाई को जेल हुई थी।
हाईकोर्ट से जमानत पर दोनों रिहा हुए। अब प्रीति को बिहार में मिलने और वहां से घर लाने का दावा किया गया है। हालांकि पुलिस की ओर से उसे जिंदा होने की पुष्टि नहीं की जा रही है। मामले को लेकर हलचल मचा हुआ है। इस प्रकरण में न्यायालय ने जनवरी में सुनवाई की तिथि तय की है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में घुघली थाना क्षेत्र के पोखरभिंडा निवासी संजय दुसाध ने प्रार्थना पत्र देकर दावा किया है कि पुत्री प्रीति (जिसकी हत्या कर दी गई थी) जीवित है। 21 जून 2023 को रात्रि में 10 बजे आरोपी मेरी लड़की को बुलाकर अपने घर ले गए। रात में आरोपियों ने मेरी लड़की प्रीति पर चोरी का इल्जाम लगाकर उसे बुरी तरह मारा पीटा।
उसी रात से प्रीति गायब थी। उस रात पत्नी व लड़का खेत की सिंचाई करने गए थे। प्रीति के गायब होने पर घर के लोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। मैं परदेस गया था। लड़की के गायब होने की सूचना पर घर आया। बेटी प्रीति की काफी तलाश की। न मिलने की दशा में दो जुलाई 2023 को थाना-धुधुली में अपनी पुत्री प्रीति के गायब होने के संबंध में हरेंद्र मिश्रा, अभिषेक व अमित के विरुद्ध केस दर्ज कराया।
आरोप है कि विवेचना के दौरान कोई पूछताछ नहीं की गई थी। अपितु विवेचक द्वारा केस डायरी के पर्चा नंबर आठ में यह तथ्य अंकित किया गया कि मर्चरी हाऊस महराजगंज में एक लड़की का शव रखा हुआ है। मुकदमा वादी संजय दुषाध, पत्नी सुनीता व उनकी रिश्तेदार मुन्नी देवी द्वारा लाश की शिनाख्त की। लड़की के पिता संजय का कहना है कि वह लाश निचलौल के नहर में मिली थी। कपड़े के आधार पर उसकी पहचान करने को कहा गया। हम लोगों ने वहीं पर प्रीति की लाश होने से इनकार किया था। इसलिए हम लोगों ने शव का दाह संस्कार भी नहीं किया। पुलिस ने खुद दाह संस्कार कर दिया। लड़की के पिता संजय का आरोप है कि मुकदमे में नामित अभियुक्तों को बचाने के लिए हम पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 26 जुलाई 2023 को हम दोनों को जेल भेज दिया गया।
विवेचना के दौरान कहा जाता रहा कि नहर में मिली लाश हमारी पुत्री प्रीति का नहीं है, लेकिन पुलिस नहीं मानी। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद अपनी पुत्री की तलाश करते रहे। काफी तलाश के बाद बिहार में कैलाश नगर बगहा पश्चिम चंपारण (बिहार) में पुत्री प्रीति का पता चला। वहां से अपनी पुत्री प्रीति को लेकर घर आया हूं। अधिवक्ता सोमनाथ चौरसिया ने बताया कि मामले में अदालत में प्रार्थना पत्र देकर दावा किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि मामले में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। दावे में कितनी सच्चाई है। यह जांच के बाद ही पता चलेगा। वह जिंदा है, इस बात की पुष्टि अभी नहीं की जा सकती है।