सिद्धार्थनगर। गांवों के बाजार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब लोगों को रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए कस्बे या साप्ताहिक हाट तक जाने की जरूरत नहीं रह गई है। छोटे मालवाहक वाहन, ई-रिक्शा, बाइक और हाथगाड़ियों पर सजी चलती-फिरती दुकानें गांव-गांव पहुंच रही हैं।
इनमें सब्जी, फल, किराना, कपड़े, बर्तन, खिलौने और घरेलू उपयोग का सामान सीधे मोहल्लों और टोलों तक पहुंचाया जा रहा है।
जिले के बढ़नी, इटवा, डुमरियागंज, बांसी और शोहरतगढ़ क्षेत्र के गांवों में सुबह से शाम तक ऐसे वाहन घूमते नजर आ रहे हैं। कई दुकानदार लाउडस्पीकर या रिकॉर्डेड आवाज के जरिये सामान की जानकारी देते हुए गांवों में पहुंचते हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूर बसे परिवारों को काफी सुविधा मिल रही है।
बढ़नी क्षेत्र के गांव महदेवा में रहने वाली सीमा देवी ने बताया कि पहले छोटे सामान के लिए बाजार जाना पड़ता था। अब घर के बाहर ही सब्जी, मसाले और जरूरत का सामान मिल जाता है। समय और किराया दोनों बच रहे हैं। वहीं, इटवा के रामनरेश ने कहा कि खेत और कामकाज के बीच बाजार जाने का समय निकालना मुश्किल होता था, लेकिन अब गाड़ी गांव तक पहुंच जाती है।
इन चलती दुकानों का असर पारंपरिक साप्ताहिक हाट और छोटी किराना दुकानों पर भी दिखाई देने लगा है।