फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: सोनौली सीमा पर बढ़ता जा रहा ट्रकों का जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनौली सीमा पर फंसे ट्रक, नहीं मिल रहा इंट्री
विज्ञापन

पर्यटक गाड़ियों के कारण सोनौली बॉर्डर पर ट्रकों की रफ्तार हुई धीमी
सोनौली। भारत-नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर ट्रकों के जाम लगने से करीब एक हजार से अधिक मालवाहक ट्रक फंस गए हैं। जिन्हें नेपाल में जाकर समान खाली करना है। नेपाल में पर्व को लेकर सोनौली सीमा से नेपाल के कारोबारियों ने ज्यादा आयात किया है। इस वजह से सरहद के भारतीय सीमा में करीब 8 किमी का लंबा जाम लग गया है। सीमा पर दो घंटे अतिरिक्त बैरियर खोलने के बाद भी ट्रकों को नेपाल में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
जाम के कारण दिन में पर्यटक गाड़ियों की वजह से सोनौली बॉर्डर पर नेपाल में भारतीय ट्रकों की इंट्री की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है। जिसके कारण सीमा से करीब 8 किलोमीटर नौतनवा बाईपास तक जाम लग गया है। गाड़ियां तेजी से आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस वजह से सोनौली सीमा से एक लेन पूरी तरह से जाम है। भारत से नेपाल आयात के लिए जरूरी सामान ले जाने वाले सैकड़ों ट्रक बीते शनिवार से फंस गए। जाम के कारण आम आदमी के साथ ही वाहन चालकों की भी दिक्कत बढ़ रही है।
विज्ञापन

रविवार को दो घंटे अतिरिक्त बॉर्डर खोलने की वजह से रात 12 बजे तक गाड़ियों को नेपाल प्रवेश मिल पा रहा है। पर्यटक एवं छोटे यात्री वाहनों के कारण ट्रकों की नेपाल में प्रवेश कम मिल पा रहा है।
बढ़नी खुनुवा के रास्ते कर रहे आयात
सोनौली में बीते एक सप्ताह से लगा मालवाहक ट्रकों का जाम नेपाल के कारोबारियों ने रास्ता बदल दिया है। अब नेपाल के कारोबारी बढ़नी और खुनुवा से माल मंगवा रहे हैं। भारतीय सीमा में लगातार लग रहे मालवाहक ट्रकों की लंबी जाम को लेकर उद्योग वाणिज्य संघ ने चिंता व्यक्त करते हुए दोनों देशों के अधिकारियों से जाम से निजात दिलाने की मांग की है। इसके बाद अधिकारियों ने रविवार को दो घंटे अधिक सीमा को खोल कर वाहन अधिक भेजे।
नेपाल के व्यापारियों का कहना है कि ट्रकों के नेपाल में इंट्री को लेकर बहुत समस्या हो रही है। इसके लिए नेपाल प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए। उद्योग वाणिज्य संघ के महासचिव कृष्णा प्रसाद धिमीरे ने बताया कि सोनौली भारतीय सीमा में करीब आठ किलोमीटर का अब जाम लगा है। जाम की सूचना के बाद नेपाल के लिए सोनौली बॉर्डर के रास्ते आने के लिए कोई भारतीय वाहन स्वामी और चालक तैयार नहीं हो रहे हैं। उद्योग को चलाने के लिए ट्रेड बदलने की मजबूरी हो गई थी। जाम के कारण काफी नुकसान हुआ। जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र से सटे व्यापारियों ने बढ़नी और खनुवा से माल की बुकिंग शुरू कर दिया है। राइस मिल कारोबारी सन्दीप बनिया ने बताया कि बढ़नी और खुनुवा सिमा से एक ही दिन में गाड़िया फैक्ट्री पहुंच जा रही है। खाली कर के वापस भी चले जा रहे है। ट्रक मालिकों ने सोनौली बॉर्डर के रास्ते बुकिंग रोक दिया है।

कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि नेपाल में ट्रकों के प्रवेश को लेकर नेपाल के अधिकारियों से वार्ता हो रही है।

सड़कों पर रात काटने को मजबूर चालक
सरहद पर जाम लगने से ट्रक चालक सड़कों पर रात काटने को विवश है। ट्रक के नीचे खाना बनाकर खाना और उसी के नीचे सोने को मजबूर है। चालक राम गुर्जर निवासी राजस्थान ने बताया कि मार्बल लेकर आया हूं। नेपाल में खाली करना है। आज तीन दिन हो गए केवल दो किमी लाइन बढ़ी है। कुछ ट्रक चालकों ने बताया कि उनके पास खाना खाने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि अगर ऐसा ही रहा तो दुबारा सोनौली बॉर्डर का माल नहीं लोड किया जाएगा। इस गर्मी में पानी के लिए बहुत परेशानी हो रही है।
विज्ञापन


ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों का हो रहा नुकसान
सरहद पर जाम लगने से नेपाल के व्यापारियों के साथ भारत के ट्रांसपोर्टर का भी नुकसान हो रहा है। ट्रांसपोर्ट संचालक सागर निवासी सोनौली ने बताया कि बॉर्डर पर पहुंचने के बाद तीन दिन के अंदर माल खाली होने चाहिए नहीं तो गाड़ी मालिक तीन हजार प्रतिदिन के हिसाब से डिटेन शुल्क लेते हैं। साथ ही गाड़ियों की क़िस्त टूट जाती है। भैरहवा के व्यापारी अर्जुन थापा ने बताया कि बॉर्डर पर जाम लगने से काफी नुकसान होता है ऑर्डर का माल ही भारत से मंगाया जाता है। देर होने से पार्टी किसी दूसरे सप्लायर्स से ले लेती है। साथ ही ट्रक चालकों को प्रतिदिन डिटेन भी देना पड़ता है। बॉर्डर पर 5 से 6 दिन लग रहे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें