महराजगंज। जिले के लक्ष्मीपुर ब्लॉक क्षेत्र में अराजी सुबाइन से सूबेदारपुर नौ किमी तक रोहिन तटबंध की मरम्मत कराई गई है। साथ में किनारे-किनारे पक्की सड़क भी बनाई गई है, लेकिन इसके बाद भी कई स्थानों पर रोहिन नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त और जर्जर हो चुका है।
इससे बरसात के दिनों में समस्या बढ़ सकती है। जानकारी के अनुसार नौतनवा और फरेंदा तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली रोहिन नदी हर साल बारिश के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती है। इस नदी के किनारे बसे खालिकगढ़, गौहरपुर, रघुनाथपुर, रानीपुर, रजापुर, मठियाईदू सहित कई गांवों के करीब 20 हजार लोग बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।
गांवों में जलभराव के कारण फसलों को भारी नुकसान होता है, जिससे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से हर साल तटबंध की मरम्मत कराई जाती है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। ग्राम पंचायत रघुनापुर के ग्रामीण साधु, सुखराम, हदीस, रामकेवल और रामप्रसाद ने बताया कि सूबेदारपुर में नए बांध के निर्माण की जरूरत है। ग्रामीणों का कहना है कि इस जगह पर बांध बनाई जाए, तो बाढ़ से बचाव संभव हो सकता है।
गांव के लोगों ने करीमदारपुर बांध से लिखिअहवा घाट तक और वहां से दनदहवा तक बनी चकरोड को ऊंचा कर पक्की सड़क बनाने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय चकरोड पर जलभराव हो जाता है, जिससे गांव के लोगों को बाहर निकलने में काफी परेशानी होती है।
टेढ़ी और वनग्राम कानपुर दर्रा में रोहिन नदी का कटान जारी: जिले के लक्ष्मीपुर ब्लॉक से होकर गुजरने वाली रोहिन नदी के किनारे बसे ग्राम पंचायत टेढ़ी और वनग्राम कानपुर दर्रा के ग्रामीणों को हर साल बाढ़ और कटान की दोहरी मार झेलनी पड़ती है। इस वर्ष भी रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान तेज हो गया है। नदी का कटान ग्राम पंचायत टेढ़ी के ब्रह्मथान तक पहुंच चुका है। वहीं दक्षिण दिशा में करीब एक किलोमीटर दूर कासीनाथ थान के किनारे तक कटान की स्थिति बन गई है।