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Maharajganj News: बेतिया एस्टेट की भूमि का सत्यापन करने पहुंची टीम, विरोध पर लाैटी

Sat, 08 Mar 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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ग्राम सभा पिपरिया में  बेतिया राज की जमीन का सत्यापन करने पहुंची बिहार राजस्व की टीम
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परतावल। क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरिया में स्थित बेतिया एस्टेट की जमीन का सत्यापन नहीं हो सका। स्थानीय लोगों के विरोध और अभिलेखिय सत्यापन न होने के कारण बिहार राजस्व टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
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बिहार राजस्व परिषद की ओर से बेतिया एस्टेट की संपत्ति की निगरानी के लिए तैनात किए गए राजस्व पदाधिकारी बद्री प्रसाद गुप्ता को जिम्मेदारी मिली है।
सदर तहसील क्षेत्र के परतावल से सटे पिपरिया ग्राम सभा में शुक्रवार को बेतिया राज घराने की जमीन का भौतिक सत्यापन करने टीम पहुंची। बिहार सरकार की राजस्व टीम के साथ सदर तहसील के राजस्व टीम को ग्रामीणों ने बिना सीमांकन किए ही वापस कर दिया। बिहार सरकार की राजस्व टीम गोरखपुर के बेतियाहाता में सीमांकन के बाद अब महराजगंज के पिपरिया गांव में आई थी।
यहां 7.34 एकड़ के करीब जमीन पर बिहार सरकार के बेतिया राज घराने का होने का दावा किया है। जहां अधिकांश जमीनों पर रिहायशी मकान बने हुए हैं। कुछ हिस्सों में गेहूं की फसल लगी हुई है। बिहार सरकार के अमीन संतराज कुमार का कहना है कि पिपरिया गांव में 7.34 एकड़ जमीन बेतिया राजघराने की है। राजघराने का कोई वारिस नहीं है, इसलिए बिहार सरकार इसे अपना बता रही है।
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बिहार राज्य के राजस्व विभाग के जिम्मेदार संतराज कुमार, पृथ्वी राज यादव, मिथिलेश कुमार और विवेक राज ने बताया कि यूपी में बेतिया राज की जमीनों का भौतिक सत्यापन करने के लिए गोरखपुर में मुख्यालय बनाया गया है। वहीं से पूरे प्रदेश में टीम जा रही है। जिसके क्रम में टीम आज परतावल के पिपरिया गांव में टीम पहुंची है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय राजस्व विभाग के तहसीलदार पंकज शाही, नायब तहसीलदार विवेक कुमार श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक अनिल मिश्रा, लेखपाल रूद्रप्रताप, राकेश राव आदि के साथ भौतिक सत्यापन करके बिहार सरकार को रिपोर्ट देनी है। नियमों के अनुसार स्थानीय सरकार के सहयोग से जमीनों की पहचान की जा रही है।
वहीं जिस जमीन पर बिहार सरकार की राजस्व टीम सीमांकन करने पहुंची थी। उस खेत के मालिक हाजी नेसार, मिठाई लाल, शाह आलम, कोमल, मुश्किल खान, हरिलाल आदि ने अपने तीन पुश्तों की जमीन होने का कागजात प्रस्तुत किया। बिहार के बेतिया राजघराने की जमीन संबंधित टीम के पिपरिया गांव में पहुंचने पर सीमांकन शुरु होने के पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची जिले की राजस्व टीम ने पुराने कागजात को देखने के बाद ही सीमांकन करने को कहा है।
तहसीलदार सदर पंकज शाही का कहना है कि अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा। स्थानीय किसानों ने अपने तीन पुश्त के कागजात प्रस्तुत किए हैं। इसलिए पुराने अभिलेखों का जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इधर, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने कहा कि परतावल ब्लॉक के ग्राम सभा पिपरियां में बिहार के बेतिया राज के जमीन की पैमाइश के लिए बिहार राजस्व और स्थानीय प्रशासन द्वारा पैमाइश के नाम पर ग्राम वासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जब उक्त जमीनों के दस्तावेजों पर ग्रामवासी पिछले पांच पुश्तों से काबिज दाखिल हैं, तो उनको परेशान किया जाना ठीक नहीं है।
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