मदरसे के लिए नियम विरुद्ध जमीन खरीदने की कोर्ट में की गई है शिकायत
जमीन राज्य सरकार के खाते में निहित करने की शिकायतकर्ताओं ने की है मांग
संतकबीरनगर। ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसा प्रकरण की सुनवाई एसडीएम न्यायालय में होगी। इस मामले में 14 जून की तारीख निर्धारित की गई है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की मांग की है।
खलीलाबाद के ग्राम सहसरांव निवासी आसिया खातून और नूरूल हक ने उपजिलाधिकारी खलीलाबाद की अदालत में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया है कि शमशुल हुदा खान ने वर्ष 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता ग्रहण कर ली है। इसके बावजूद उसने खलीलाबाद क्षेत्र में कई भूखंड खरीदे और बाद में मोतीनगर की भूमि पर मदरसे का निर्माण कराकर उसका संचालन शुरू किया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शमशुल हुदा खान ने अपने संरक्षण में संचालित कुल्लियातुल बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के नाम से भूमि खरीदकर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के मदरसे का निर्माण कराया। साथ ही विदेशी नागरिक होने के बावजूद भूमि क्रय करने के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति भी प्राप्त नहीं की।
वर्ष 2014, 2017 और 2018 में किए गए विभिन्न बैनामों के माध्यम से खरीदी गई भूमि तथा बाद में किए गए दानपत्र और हिब्बानामे को राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत शून्य घोषित किया जाना चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने इन संपत्तियों को राज्य सरकार के खाते में निहित करने की मांग की है।
मामले में पूर्व में राजस्व अधिकारियों और जिला प्रशासन स्तर पर भी सुनवाई हो चुकी है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार उच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया था कि ऐसे मामलों में कार्रवाई का अधिकार राजस्व संहिता नियमावली के तहत सक्षम न्यायालय को है। इसके बाद प्रार्थनापत्र एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
उपजिलाधिकारी न्यायालय ने मामले को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 14 जून की तिथि निर्धारित की है। अब सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जाएगा। मामले की सुनवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
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कई एजेंसियां भी मौलाना के मामले की कर रहीं जांच
ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मामले में कई एजेंसियां भी जांच कर रही हैं। ईडी ने खलीलाबाद शहर की मीट मंडी रोड स्थित मौलाना के बेटे तौसीफ रजा के आवास पर छापा मारा था। इसके साथ ही एनआईए ने भी कई विभागों से मामले से संबंधित अभिलेख जुटाए थे। वहीं इससे पहले एसटीएफ की जांच के बाद हुए खुलासे में मौलाना की संदिग्ध गतिविधियों का भंडाफोड़ हुआ था। इसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई। विदेशी फंडिंग के मामले में कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विवेचना चल रही है, जिसमे बैंक से डिटेल मांगी गई है, जो अभी तक नहीं उपलब्ध हो पाई है। वहीं विदेशी लेनदेन के संबंध में एफएटीएफ को एसपी की तरफ से पत्राचार भी किया गया है, जिसका जवाब अभी तक पुलिस को उपलब्ध नहीं हो पाया है।