नौतनवा। पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने नौतनवा कस्बा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों को वार्ता की। पूर्व सांसद ने कहा कि वर्तमान लोकसभा की बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने किसानों को निराश किया है। तीसरी बार लगातार सत्ता प्राप्त के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में एक कदम भी नहीं बढ़ाया। दूसरी तरफ विपक्ष लगातार न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का मांग करता रहा। मूल प्रश्न यह है कि किसानों का समर्थन मूल्य क्या होना चाहिए पूर्वांचल किसान यूनियन और देश के किसानों को प्रमुख मांग है के किसानों के उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट सीपी प्लस टू फार्मूले के आधार पर निर्धारित होना चाहिए।
भाजपा ने विगत विधानसभा के चुनाव में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपने संकल्प पत्र में किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था। खेद का विषय है कि विपक्ष देश की संसद में इस प्रमुख मांग को भी नहीं रख सका। पूर्वांचल किसान यूनियन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को आरोपित करती है कि यह दोनों पार्टियों खाद्य पदार्थों के कारोबार करने वाली कंपनियों से मिली हुई है। 40 किलो पर प्याज आलू खरीदना पड़ रहा है। जबकि टमाटर 70 और लहसुन 200 किलो बाजार से खरीदना पड़ रहा है। पूर्वांचल किसान यूनियन मुद्दों को लेकर 9 अगस्त को क्रांति दिवस के अवसर पर महराजगंज में एक मैरिज हाउस में किसानों को बड़ी पंचायत बुलाई है। संवाद