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Maharajganj News: देवदह में 10 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में

Tue, 13 May 2025 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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लक्ष्मीपुर। नौतनवा तहसील के ग्राम पंचायत बनरसिहा कला में स्थित बौद्ध स्थल देवदह में पर्यटन विभाग ने काश्तकारों से 10 एकड़ भूमि अधिग्रहीत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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180 काश्तकारों में से 114 ने विभाग को जमीन की रजिस्ट्री कर दी है। इस निमित्त सरकार ने पांच करोड़ रुपये भी जारी कर दिया है। जल्द देवदह में देशी-विदेशी के लिए हाईटेक सुविधा मिलने लगेगी।
जानकारी के मुताबिक, दो अगस्त 2024 को देवदह स्तूप का निरीक्षण करने पर्यटन विभाग लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर अधिकारियों के साथ पहुंचे थे। उन्होंने देवदह में बन रहे विपश्यना हाल, इंटरलाॅकिंग सड़क और स्तूप का विधिवत निरीक्षण किया था।
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नौतनवा की राजस्व टीम, चकबंदी टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों से वार्ता करने के बाद विपश्यना हाल के बगल में 180 काश्तकारों की 10 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित कराई गई थी, जिसे शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद अप्रैल 2025 में 114 काश्तकारों की जमीने नौतनवा तहसील में रजिस्ट्री बैनामा पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश ने अपने नाम करा लिया।
इसके मूल्य स्वरूप पांच करोड़ रुपये सरकार ने जारी कर दिया है। शेष काश्तकारों से भी जल्द ही रजिस्ट्री बैनामा कराने की प्रक्रिया चल रही है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शासन की मंशा अनुरूप बौद्ध स्थल देवदह को विदेशी पर्यटकों और धर्मावलंबियों के लिए विकसित किया जा रहा है।
यहां पर पर्यटकों के लिए अन्य जो भी सुविधाएं संभव हो सकती हैं। उन्हें भी मुहैया कराया जाएगा। गौतम बुद्ध से संबंधित स्मारक बनाने की दिशा में यहां किसानों की भूमि को नियमानुसार अधिग्रहित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति महराजगंज के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बताया कि काफी लंबे प्रयासों के बाद सरकार देवदह के विकास में लगी है। उनकी मांग है कि उक्त भूमि पर देवदह में स्थित सुंदर पुष्करणी (सगरा) के टीले पर भगवान बुद्ध व माता महामाया कि 100 फीट की मूर्ति स्थापित कर देवदह का विकास किया जाए।
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देवदह में अद्भुत एवं विशाल सगरे (पोखरे) का सुंदरीकरण कराकर नौका बिहार के रूप में विकसित करके भिक्षु निवास और बौद्ध संग्रहालय बनवाया जाए।
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