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Maharajganj News: केमिकल वाले रंग से जलन व दर्द की बढ़ी समस्या

Sun, 16 Mar 2025 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। रंगों के उत्सव में युवाओं का उत्साह चरम पर रहा। होली तो सकुशल निपट गई, लेकिन कान और आंख में रंग भरा पानी घुस जाने से बड़ी संख्या में लोगों को असुविधा भी हुई। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की अधिकता रही, जिनके कान अथवा आंख में रंग युक्त पानी घुसने के कारण असुविधा हो रही।
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उक्त समस्या से कुछ ने सुनने में परेशानी की बात भी कही। 837 मरीजों का ओपीडी में मे उपचार हुआ, लेकिन कान में रंग भरा पानी जाने से परेशान 13, आंख में अबीर गुलाल से जलन के 20 तो गरिष्ठ भोजन से गैस व पेट के दर्द से परेशान 17 मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल की ओपीडी नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास सर्वाधिक भीड़ दिखी।
किसी के कान में पानी घुसने से जलन व दर्द तो किसी को सुनने में असुविधा थी। डाॅ. अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि आज ऐसे 20 मरीज आए जिनके कान में गुलाल या रंग भरा पानी घुसने से जलन व दर्द की समस्या थी। बताया कि कान के पर्दे के आसपास की सतह बहुत संवेदनशील होती है। रंगों के रसायन जब इसके संपर्क में आते हैं तो जलन व दर्द की समस्या होती है। कभी-कभी पानी कान से कुछ देर बाद खुद ही बाहर आ जाता है, लेकिन अगर उसी दौरान लकड़ी या रूई से निकालने का प्रयास हुआ तो यह परेशानी खड़ा कर सकता है। ऐसे में तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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आने वाले मरीजों को ड्राप के बारे में जानकारी दी गई, जिससे कान में घुसा पानी निकल सके व रंगों में मिले रसायन नुकसान न कर पाएं। इसी प्रकार आंख में रंग और गुलाल पड़ने से आंख के पानी गिरने, जलन और लालिमा की दिक्कत लेकर भी लोग पहुंचे। नेत्र परीक्षक अमरनाथ गुप्त ने बताया आंख में केमिकल युक्त रंग या गुलाल जाने से दर्द, जलन व पानी गिरने की समस्या होती है। सबसे पहले साफ ठंडे पानी से आंख धुलने की जरूरत होती है। अगर ठंडे पानी से धुलने के बाद भी समस्या बनी है तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

महिलाओं में त्वचा की एलर्जी
ओपीडी में महिलाओं की संख्या भी खासी रही। रंग से त्वचा में खुजली जलन से मरियम, जानकी, अर्चना, पूजा आदि मिलीं। बताया कि रंग से त्वचा इन्फेक्शन की दिक्कत है। चिकित्सकों दवा के साथ परामर्श दिया।

होली में खानपान और रंग, गुलाल खेलने में सावधानी न बरतने के कारण आंख, कान व त्वचा रोगी अधिक पहुंचे थे। खानपान की गड़बड़ी के मरीज भी आए। सभी को दवाओं के साथ परामर्श दिया गया।
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-डाॅ. एके द्विवेदी, सीएमएस
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