महराजगंज। गर्मी और उमस के बीच खानपान में लापरवाही का असर अब बच्चों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों उल्टी और डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना 15 से 20 बच्चे इन समस्याओं की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, 40 से 50 बच्चे बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित होकर भी इलाज के लिए आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में रोजाना करीब 15 से 20 बच्चे उल्टी और डायरिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा 40 से 50 मरीज बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि गर्मी और उमस के मौसम में दूषित पानी, बासी भोजन, खुले में रखे खाद्य पदार्थ और खानपान में अनियमितता बच्चों को बीमार कर सकती है। छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी का खतरा अधिक रहता है। इसलिए बच्चों के खानपान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को किया जा रहा जागरूक
जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज के साथ अभिभावकों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा मरीजों और उनके परिजन को ताजा भोजन करने, साफ और सुरक्षित पानी पीने और भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। बच्चों को खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उल्टी-दस्त होने पर तरल पदार्थ देना जरूरी
उल्टी और दस्त होने पर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना जरूरी है। ओआरएस का घोल देने से शरीर में पानी और आवश्यक लवण की कमी पूरी करने में मदद मिलती है। तेज उल्टी-दस्त, अत्यधिक सुस्ती, आंखें धंसना, पेशाब कम होना या बच्चा पानी नहीं पी पा रहा हो तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।