निचलौल। क्षेत्र के बजही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में घुसे तेदुएं को देख स्वास्थ्य कर्मी दूसरे दिन भी डरे और सहमे रहे। वन कर्मियों की पूरी रात तेंदुए के खाैफ में गुजर गई।
दूसरे दिन भी तेंदुआ अस्पताल परिसर में भले ही नहीं घुसा, लेकिन अस्पताल के इर्द-गिर्द शिकार के लिए पूरी रात घूमता रहा। हालांकि वन कर्मियों की टीम भी तेदुएं की हर हरकत पर नजर रख रही है।
अस्पताल पर मौजूद एएनएम रश्मि सिंह, मंजू मौर्या के अलावा अमरसेन मौर्या, शालिनी आदि ने बताया कि अस्पताल परिसर के पीछे कोई आबादी नहीं है। दूर तक सिवान में फसल लगी है। ऐसे में तेंदुआ शिकार की तलाश में दिन डूबते ही अस्पताल के इर्द-गिर्द आकर विचरण करने लग रहा है।
शनिवार रात में तो तेंदुआ अस्पताल परिसर में घुसकर शिकार की तलाश में दरवाजे के सामने करीब चार घंटे तक बैठा रहा। जिसे लेकर वह लोग सतर्क हो चुके है।
वहीं रविवार की रात को तेंदुए पर निगरानी रखी गई थी। इस दौरान तेंदुआ अस्पताल के इर्द-गिर्द ही घूमता रहा। रविवार रात को वन कर्मियों की टीम भी अस्पताल आई थी जो पूछताछ के बाद तेंदुए से सतर्क रहने की सलाह दी। निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा कि तेंदुए पर लगातार नजर रखी जा रही है। शिकार नहीं मिलने के बाद तेंदुआ जल्द ही जंगल की ओर लौट जाएगा। स्वास्थ्य कर्मियों और लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। सिवान की तरफ झुंड में चलते हुए आवाज लगाने की सलाह दी गई है।