बोर्ड पर नेपाल-भारत के कई नामी डॉक्टरों का नाम
अस्पताल की जांच को सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर मांगी रिपोर्ट
नौतनवा। खनुआ तिराहा के निकट तहसील रोड पर स्थित अनन्या हॉस्पिटल में मंगलवार की रात इलाजरत मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे के मामले में एक से बढ़कर एक खुलासे हो रहे हैं। अस्पताल में बिना पंजीकरण कराए ही पैथोलॉजी सेंटर संचालित करने के खुलासे के बाद अब मेडिकल स्टोर के भी पंजीकरण फर्जी होने का मामला प्रकाश में आया है।
अस्पताल के बाहर मरीजों को लुभाने के लिए नेपाल से लेकर भारत तक के नामी-गिरामी और मशहूर डाक्टरों के नाम अंकित कर बोर्ड लगाया गया है। वहीं इस बात की पुष्टि करते हुए अनन्या अस्पताल के मैनेजर अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत में बताया कि मेडिकल स्टोर भी पंजीकृत नहीं है, पंजीकरण हेतु कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल में समय-समय पर जरूरत के अनुसार चिकित्सक बुलाए जाते हैं।
सीएमओ ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम
''सिद्धार्थनगर में तैनात सरकारी डॉक्टर नौतनवा में चला रहे निजी अस्पताल'' शीर्षक से अमर उजाला अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमओ ने अनन्या हॉस्पिटल की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि नोडल अधिकारी निजी अस्पताल डॉ. वीरेंद्र आर्या, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज लाल कन्नौजिया एवं अधीक्षक सीएचसी रतनपुर डॉ. सुरेंद्र कुमार टीम में शामिल हैं। टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोल्हुई क्षेत्र में भी खोला था अस्पताल, बवाल के बाद भाग गया था रातों-रात
सिद्धार्थनगर जिले में तैनात सरकारी डॉ. अमित कुमार चौधरी के संरक्षण में ही महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम जिगिनिहा में भी दो वर्ष के अंतराल में दो बार अलग-अलग नाम से अस्पताल खोलने तथा मरीजों की मौत और हंगामे के बाद रातों-रात बंद कर भागने का भी मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि लगभग दो वर्ष पूर्व कोल्हुई थाना क्षेत्र के ग्राम जिगिनिहा में इसी सरकारी डाक्टर के संरक्षण में अनन्या हॉस्पिटल के नाम से किराए के मकान में एक अस्पताल खोला गया था। वहां कुछ दिनों बाद एक महिला की ऑपरेशन के दौरान ही मौत हो गई थी। परिजन ने हंगामा किया तो किसी तरह मामला मैनेज किया गया। घटना के कुछ ही दिनों बाद उसी स्थान पर अस्पताल का बोर्ड अनन्या हॉस्पिटल से बदलकर श्रेयांश हॉस्पिटल कर दिया गया। पिछले वर्ष सितंबर माह में पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, ऑपरेशन से प्रसव कराने के दौरान ही नवजात की मौत हो गई थी। इस घटना से बौखलाए परिजन ने अस्पताल में तोड़फोड़ करते हुए जमकर बवाल काटा था। मामले में तत्कालीन सीएमओ से भी शिकायत की गई थी। मामला बिगड़ता देख अस्पताल प्रशासन रातों-रात वहां से अपना सारा सामान समेटकर भाग गया था।
वर्जन
तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर अस्पताल की विधिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित हॉस्पिटल और उसके संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महराजगंज