नौतनवा। रेलवे में वाहन किराए पर लगवाने के नाम पर किया गया यह फर्जीवाड़ा बड़े ही सलीके से अंजाम दिया गया है। मामला मात्र नौतनवा ही नहीं अपितु सोनौली, और बृजमनगंज थाना क्षेत्रों से भी जुड़ा हुआ है। इसके पीछे का सरगना मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला बताया जा रहा है।
अब तक की हुई जांच में जो जानकारी सामने आई है वह वाहन स्वामियों ही नहीं बल्कि पुलिस को भी परेशान करने वाली है। इसकी नींव कुछ माह पूर्व रखी गई। पहले तो जालसाज ने एक ऐसे दलाल संपर्क किया जिसकी पहचान नौतनवा और सोनौली क्षेत्र के रहने वाले ऐसे व्यक्तियों हो जिनके पास चारपहिया वाहन है।
शुरुआती दौर में दो वाहन स्वामी मिले जिन्हें उनका वाहन रेलवे में लगवाने और बदले में प्रति वाहन एक हजार रुपये दिन के हिसाब से देने की बात कही गई। वाहन स्वामी भी झांसे में आ गए और अपना वाहन दे दिया, कुछ दिनों तक उन्हें उनके वाहनों का किराया मिलता रहे। रेलवे में वाहन लगने और प्रतिदिन का एक हजार रुपये मिलने के आकर्षण में कुछ अन्य वाहन स्वामी भी आ गए और लोगों का एक-दूसरे से तार से तार जुड़ते चले गए। धीरे-धीरे क्षेत्र की करीब 16 गाड़ियां रेलवे में किराए पर चलने लगी।
इसके कुछ दिनों बाद वाहन स्वामियों का संपर्क दलालों से टूट गया और वाहनों का किराया आना भी बंद हो गया। जब वाहन स्वामियों ने अपने स्तर से जानकारी जुटाई तो उनके वाहनों को रेलवे की बजाय कहीं और चलवाने की जानकारी सामने आई। विरोध होने के बाद किसी माध्यम से सोनौली क्षेत्र के ग्राम सभा गनवरिया से ली गई कुछ गाड़ियां वापस भी हुईं। जबकि बाकी वाहनों का कोई सुराग नहीं लगा। वाहन स्वामी पप्पू प्रसाद, तैयब अली, जैद बेग, सद्दाम हुसैन, सगीर अहमद ने बताया टाल-मटोल के बीच वाहन किराए पर लेने वाले व्यक्ति का संपर्क बृजमनगंज थाना क्षेत्र के बड़हरा टोला शिवपुर निवासी उसके मामा से पाया गया।
रेलवे में मामा का टेंडर होने के नाम पर ही उक्त व्यक्ति ने वाहनों को किराए पर लिया था। यहां बृजमनगंज पुलिस ने सभी पक्षों को तलब किया। वाहन स्वामियों का बताना है कि उक्त व्यक्ति ने उनके वाहनों को अलग-अलग लोगों के हाथ गिरवी रखकर पैसे वसूल लिए हैं और अब फंसने के बाद वाहन लौटाने में आनाकानी की जा रही है।