सोनौली। भारत-नेपाल सीमा से ब्राउन शुगर की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जल्दी अमीर बनने की लालच में युवा इस धंधे में कैरियर बन रहे हैं।तस्करी के इस अपराध में दोनों ही देशों के युवा पकड़े जा रहे हैं। जल्दी अमीर बनने की बजाए युवा जेल पहुंच जा रहे हैं। हाल के मामलों में युवा ही गिरफ्तार हुए हैं।
बीते दिन सोनौली सीमा से सटे नेपाल बेलहिया पुलिस ने एक फल-सब्जी कारोबारी के ऑफिस पर छापेमारी कर ब्राउन शुगर बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा जनवरी में सोनौली पुलिस ने हरदीडाली सीमावर्ती गांव में लाखों रुपये के ब्राउन शुगर के साथ तीन नेपाली युवकों को गिरफ्तार किया था। नेपाल में पकड़े गए तीनों युवक सीमावर्ती कस्बा ठूठीबारी के रहने हैं। इन्हें पकड़ने के लिए भैरहवा की नारकोटिक्स विभाग की टीम सुनवल पहुंची थी।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों की बड़ी खेप की तस्करी होनी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम नवलपरासी पहुंची। टीम ने जब तस्करों को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो उनमें से एक ने भागने का प्रयास किया। टीम ने सभी आरोपियों को लाखों के ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार कर लिया। तीनों ब्राउन शुगर नेपाल में डिलेवरी करने पहुंचे थे।
धंधे में फंसे युवा बेरोजगार : कम समय में अधिक कमाने की लालच में मादक पदार्थ के धंधे में बेरोजगार युवा फंस रहे हैं। धंधेबाज युवाओं को कम समय में अधिक कमाने का लालच देकर अपनी जाल में फंसाते हैं। धंधेबाज युवाओं को महज कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। युवाओं को केवल तस्करी का सामान इतना ही बताया जाता है कि सामान कहां और किसे देना है। तस्करी के अधिकांश मामलों में ज्यादातर युवा ही पकड़े जाते हैं। एक कानून की गिरफ्त में आने के बाद वह इस दलदल में और गहरे धंसते चले जाते हैं। नारकोटिक्स और मादक पदार्थ के सिंडिकेट को तोड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है।