महराजगंज। पुरानी मशीनों का उपयोग करने वाले उद्योग केंद्र नई मशीन स्थापना के साथ उत्पादन बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग से अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए तकनीकी उन्नयन योजना के तहत उन्हें आवेदन करना होगा।
औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए शासन की तरफ से उपकरणों की व्यवस्था के लिए तकनीकी उन्नयन योजना शुरू की है। इसमें स्वरोजगार करने वालों को व्यय धनराशि का 50 फीसदी अनुदान सरकार देगी। इससे उन्हें अपने उत्पादन और व्यापार को बढ़ाने में सहायता मिल सकेगी।
उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर से आर्थिक वैश्वीकरण और विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के वातावरण और उदारीकरण के प्रभाव को देखते हुए लघु उद्योगों के त्वरित विकास एवं प्रतिस्पर्धा की क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से सूक्ष्म एवं लघु उद्योग तकनीकी उन्नयन (टेक्निकल अपग्रेडेशन) योजना चला रही है।
इकाइयों को उत्पादन में वृद्धि और गुणवत्ता में सुधार के लिए अतिरिक्त मशीनों की व्यवस्था करने में व्यय की गई धनराशि का 50 प्रतिशत पूंजी उपादान देय होगा। इसकी अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये तक होगी। बताया कि खरीदी गई मशीनों पर वित्तीय निगम या बैंकों से ऋण लिए जाने की दशा में वित्तीय संस्थाओं को देय ब्याज की आंशिक प्रतिपूर्ति करते हुए बाकी भुगतान देय होगा।
योजना लाभ के लिए औद्योगिक इकाइयां कम से कम तीन वर्ष से कार्य कर रही हों। अनुदान प्राप्त करने के पांच वर्ष के अंदर यदि इकाई बंद होती है तो समस्त अनुदान वापस करनी होगी। आवेदन ऑनलाइन एमएसएमई डाट यूपीजीओवीडाटइन बेवसाइट पर कर सकते हैं।