महराजगंज। शुक्रवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में न किसी तरह की कमी हुई और न ही बढ़त। अधिकतम तापमान दोपहर एक बजे 38 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया।
पछुआ की रफ्तार 13 की जगह 18 किमी प्रति घंटा रही, जिसके कारण वायुमंडल की नमी में 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह से बाहर निकले लोगों को सांस लेने में असुविधा महसूस हुई, वहीं चेहरा बांधकर भी लोग गर्म हवाओं से राहत नहीं पा सके।
सुबह 10 बजे से धूप की तल्खी बढ़ी तो हवा ने भी रफ्तार पकड़ ली। बृहस्पतिवार को हवा 13 किमी से बढ़कर 18 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। गर्म हवा आंधी की तरह महसूस की गई, जिससे घर से बाहर निकले लोगों को धूल के गुबार से परेशान होना पड़ा। धूप से बचाव के लिए छाता लेकर निकले लोगों को तेज हवा के कारण इसे बंद रखना पड़ा। गमछा या दुपट्टा चेहरे पर बांध कर निकले लोग वायुमंडल की नमी घटने से अधिक देर चेहरा बांधकर नहीं रह सके। बाहर निकले लोगों को लू के थपेड़े ने बुरी तरह परेशान किया। तेज धूप के कारण लोग शीतल जल और कोल्डड्रिंक तलाशते मिले। खीरा, ककड़ी के साथ नींबू की बिक्री में इजाफा दिखा क्योंकि लोगों ने बचने के लिए इनका प्रयोग बढ़ा दिया है। जवाहर लाल नेहरू पीजी कालेज के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर सिंह ने कहा कि तापमान में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। तेज हवा व धूल से बचने के लिए मास्क लगाकर ही बाहर निकलें।