महराजगंज। वातावरण में फैले धुंध का असर सेहत पर पड़ने लगा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 170 के ऊपर जाने से लोगों के सांस से जुड़ी दिक्कतें होने लगी है। ऐसे में पहले से बीमार लोगों में हांफने जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही।
बृहस्पतिवार को ऐसे 23 रोगी ओपीडी में पहुंचे जिन्हें सांस लेने में असुविधा होने के कारण दम फूलने की समस्या हो रही थी। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट देखकर बीमार लोगों को दवाओं के साथ मास्क उपयोग की सलाह दी।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 670 रोगियों का उपचार हुआ। वायरल फीवर व उदर रोगियों के साथ-साथ सांसों की समस्या लेकर भी रोगी पहुंचे थे जिन्हें लगातार खांसी के साथ दम फूलने का एहसास हो रहा था। जांच रिपोर्ट देखकर डाॅ. बीपी सिंह ने बताया कि वायुमंडल में कृषि अवशेष जलाने व आतिशबाजी के धुएं से धुंध जैसा देखा जा रहा है।
फैले प्रदूषण से फेफड़े संक्रमित होने के कारण लोगों को खांसी के साथ सांस फूलने की परेशानी लेकर पहुंच रहे। वायुमंडल में प्रदूषित धूल के कण नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर रहे हैं। इससे सिर दर्द, आंखों में जलन, गले में खराश जैसी समस्या भी आ रही। इससे बचने के लिए अगर रोगी इनहेलर का उपयोग करते हैं तो इसमें लापरवाही न बरतें।