पौधशाला के आसपास गृह वाटिका विकसित करेगा उद्यान विभाग
- वाराणसी की तर्ज पर वाटिका को विकसित करने के लिए हो रहा प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। उद्यान विभाग अपने पौधशाला के आसपास स्थित गांवों में गृह वाटिका का विकास करेगा। वाटिका को विकसित कर जहां पर्यावरण को हरा-भरा व मनोरम बनाया जा सकेगा, वहीं वह लोगों के आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। एक बार वाटिका विकसित होने के उपरांत दूसरे लोग भी देखकर उसका अनुशरण कर सकेंगे व उसे व्यापकता मिलेगी।
उद्यान विभाग द्वारा सब्जी, फल, फूल व औषधीय पौधों के विकास को लेकर नियमित तौर पर प्रयास किए जाते हैं। प्रयास के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए विभाग की ओर से अब अपने पौधशाला के आसपास के इच्छुक लोगों को गृह वाटिका बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभाग ऐसे लोगों को ही गृह वाटिका के लिए प्रेरित करेगा, जिसके पास स्वयं की कम से कम 436 वर्ग फीट भूमि होगी। वाटिका में फल के साथ-साथ औषधीय गुण से युक्त एक-एक पौधे लगाए जाएंगे तथा उनकी नियमित रूप से देखभाल को लेकर किसानों को विभाग द्वारा जानकारी भी मुहैया कराई जाएगी। प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी विकास श्रीनेत ने बताया कि पौधशाला के आसपास गृह वाटिका के बनाए जाने से विभाग द्वारा सुविधाजनक तरीके से पौधाें को इच्छुक लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। एक बार यह प्रयास सफल हो गया तो जिले में भी वाराणसी के तर्ज पर घर-घर में वाटिका विकसित होने लगेगी।
इच्छुक लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे यह पौधे
विभाग द्वारा गृह वाटिका को विकसित करने के लिए इच्छुक प्रत्येक लोगों को फल के रूप में आम, अमरूद, अनार, नीबू तथा औषधीय पत्ते के रूप में तुलसी, गिलोय, करी पत्ता, कच्ची हल्दी, सहजन, लेमन ग्रास आदि के एक-एक पौधों को उपलब्ध कराया जाएगा। जिम्मेदारों का मानना है कि इन पौधों के माध्यम से न सिर्फ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी बल्कि दूसरों को भी प्रेरित किया जा सकेगा।
100 परिवार को लाभान्वित करने का है लक्ष्य
उद्यान विभाग द्वारा गृह वाटिका का लाभ जिले के 100 परिवारों को देने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। नटवा, मंगलपुर स्थित पौधशाला, विजयपुर फार्म व जिला मुख्यालय के आसपास रहने वाले लोगों को लाभ दिलाने पर जोर होगा।