महराजगंज। चौक थाना क्षेत्र खोस्टा गांव की नाजरा धोखाधड़ी की शिकार हो गईं। जमीन के एवज में रकम दी, लेकिन आरोपियों ने पेंच फंसाकर रकम ही हजम कर ली। मामले में पुलिस की ओर से राहत नहीं मिली तो न्यायालय में 156 तीन के तहत वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई।
न्यायालय ने आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस की ओर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। खोस्टा गांव की नाजरा खातुन की तहरीर के अनुसार, बरगदही बसंतनाथ गांव के रहने वाले मनोहर वर्मा व मोनू निवासी चौक बाजार पर धोखाधड़ी कर रकम हजम करने का आरोप है। नाजरा ने बताया कि वह अनपढ़ हैं। इनके पति दिल्ली में काम करते हैं। फरवरी 2022 में मोनू निवासी चौक मिले थे, यह प्रापर्टी डीलर हैं। उन्होंने खेत बेचने की बात कर खरीदने के लिए कहा तो वह मनोहर वर्मा बरगदही बंसतनाथ से मिलवाया।
उसने बताया की यह खेत के स्वामी है। दोनों लोगों से चार लाख साठ हजार में बात कर ली। जेवर बेच और लोगों से उधार लेकर रकम की व्यवस्था कर एक लाख दी। 14 फरवरी 22 को तीन लाख साठ हजार देकर जो धर्मपुर स्थित खेत का बैनामा मनोहर ने करा दिया। बाद में मनोहर अपने पत्नी सुनीता के नाम से दफा 34 दाखिल कर खारिज दाखिल रुकवा दिया। बताया कि 65 हजार दीजिए तब दाखिल खारिज होने देंगे।
इसके बाद यह रकम दी गई। वह आपत्ति हटा फिर उसने बेटे के नाम से आपत्ति कर दी। बार-बार आपत्ति होने पर इनका खेल समझ में आ गया। ये मिलकर रकम लेने के बाद पेंच फंसाकर जमीन नहीं देना चाहते थे। आरोप है कि बैनामा हुए खेत को दूसरे के नाम से 25 जुलाई 2024 में बैनामा कर दिया गया।
इसकी जानकारी होने पर इधर उधर भटकने लगी, लेकिन किसी ने फरियाद नहीं सुनी। हाथ से रकम भी चली गई और खेत में भी नहीं मिला। चौक बाजार थानाध्यक्ष रामचरन सरोज के अनुसार कोर्ट के आदेश पर संलिप्त लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है।