गेट पर ही मेज लगाकर पूर्व विधायक ने व्यक्त किया आक्रोश, मांगें पूरी करने को प्रशासन ने ली 15 दिन की मोहलत
गरीबों की जमीन पर माफियाओं का कब्जा हरगिज बर्दाश्त नहीं, करेंगे आमरण अनशन : पूर्व विधायक
नौतनवा। गरीबों की जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में समर्थकों ने तहसील पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। एसडीएम और सीओ अनुरुद्ध कुमार ने मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय मांगा। पूर्व विधायक समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं होने से आक्रोशित पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने प्रशासन को 30 अप्रैल को आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार की दोपहर पूर्व विधायक अमन मणि सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रदर्शन के लिए निकले तो उनके नौतनवा कार्यालय के बाहर ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद वह समर्थकों के साथ स्टेशन चौराहा स्थित कैंप कार्यालय से पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए तहसील की ओर निकल पड़े।
तहसील परिसर में पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें भीड़ के साथ अंदर प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद समर्थकों व पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोंकझोंक हुई। आक्रोशित पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने गेट पर ही मेज लगाकर सभा को संबोधित करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की करीब 50 एकड़ से अधिक सरकारी और गरीबों की जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर प्रशासनिक जिम्मेदार दलालों और जनप्रतिनिधियों के इशारे पर लोगों के साथ अन्याय पर उतारू हैं। चकबंदी में होने के कारण गांव के कई किसानों की फसल क्रय केंद्रों पर बिक्री तक नहीं हो पा रही है। समस्या को समाप्त करने की बजाय अधिकारी जनता को तारीख पर तारीख दे रहे हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि अधिकारियों का यह रवैया किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभा के दौरान मौके पर मौजूद एसडीएम नवीन प्रसाद एवं सीओ अनुरुद्ध कुमार ने 15 दिन के अंदर समस्त मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर किसी तरह उनका धरना-प्रदर्शन समाप्त कराया। पूर्व विधायक अमन मणि का कहना है कि मोहलत की तारीख तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इस बार आमरण अनशन पर बैठ वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे।
एक सीओ, पांच थानेदार, एक प्लाटून पीएसी, 21 दरोगा समेत 92 पुलिसकर्मी रहे तैनात
-प्रदर्शन रोकने की बजाय जनता को न्याय दिलाने के लिए झोंकनी चाहिए अपनी ताकत : अमन
नौतनवा। पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी के आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की फोर्स पूरी तरह से चौकन्ना रही। इस प्रदर्शन के दौरान नगर क्षेत्र की शांति, कानून और सुरक्षा एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय सीओ के अलावा पांच थानेदार, एक प्लाटून पीएसी, 21 दरोगा सहित कुल 92 पुलिस के जवान पूरे दिन मोर्चा संभाले रहे। बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती से मानों पूरा विधानसभा क्षेत्र पुलिस छावनी के रूप में तब्दील रहा। चौक-चौराहा हो या पूर्व विधायक का कार्यालय, तहसील हो या गांव हर जगह सिर्फ पुलिस ही पुलिस नजर आई। संवाद
नजरबंद रहे कई नेता, टेंट लेकर पहुंची गाड़ी सीज
नौतनवा। पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार की सुबह अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से धरना-प्रदर्शन में पहुंचने वाले उनके काफी समर्थकों और आमजनता को पुलिस फोर्स द्वारा सुबह ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इतना ही नहीं गांव में उनकी बसें नहीं जाने दी गई, धरने के लिए टेंट लेकर तहसील पहुंची उनकी एक गाड़ी को भी सीज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जितनी ताकत इस प्रदर्शन को रोकने में लगाई, यदि उसका आधा भी ताकत जनहित में लगाया होता तो आज धरना और प्रदर्शन करने की नौबत ही नहीं आती। संवाद