मदद की आस में पथरा गई हैं अग्निपीड़ितों की आंखें
लक्ष्मीपुर। बेबस और लाचार अग्नि पीड़ित सहयोग की आस में आपने सांसद, विधायक और अधिकारियों की राह निहार रहे हैं। इस मुश्किल की घड़ी में कोई जनप्रतिनिधि उनकी मदद के लिए आगे नहीं आता दिख रहा है। अग्निकांड के पांचवे दिन भी खुले आसमान के नीचे तमाम परिवार गुजर बसर कर रहे हैं।
24 अप्रैल को आग की लपटों ने टेढ़ी गांव के 22 घरों में तबाही मचा दी थी। सब कुछ उजड़ गया। तबसे सैकड़ों परिवार खाने के एक-एक दाने के लिए मोहताज हो गए हैं, हालांकि गांव के लोगों ने मदद करके भोजन पानी की व्यवस्था तो की, लेकिन अब भी पीड़ित खुले आसमान के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं।
पीड़ित उमेश, गगन, जोगेंद्र, नरेश, सिगार, रामकिशुन, कीर्तन, पंकज, अर्जुन, सेतबन, उषा देवी आदि ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि सांसद विधायक यहां सिर्फ वोट मांगने आते हैं। अग्निकांड को पांच दिन हो गए हैं, लेकिन कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी अब तक मदद के लिए आया है। मजबूर अग्नि पीड़ित कभी अपने भाग्य को कोसते हैं तो कभी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इस गांव में नेता वोट मांगने आते हैं। उसके बाद यहां का रास्ता भूल जाते हैं।
अग्निकांड के पांचवे दिन भी नेताओं के तरफ से पीड़ितों को कोई सहायता नहीं प्रदान की गई है। ग्राम पंचायत स्तर से व्यवस्था कर के लोगों का जीवन गुजर बसर हो रहा है।
- कुसमावती देवी, ग्राम प्रधान टेढ़ी
पीड़ितों की सूची बन कर तैयार है। जल्द ही उनके खाते में सहयोग राशि प्रेषित की जाएगी। कोटेदार से राशन उपलब्ध कराया गया है।
रामसजीवन मौर्य, एसडीएम नौतनवां