सोनौली। नेपाल घूमने जाने वाले भारतीय पर्यटकों को नेपाली संस्कृति व परंपराओं से रूबरू कराने के लिए पोखरा में 25 अक्तूबर को दशहरा पर्यटन एवं सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। जागृत पूर्णिमा पर लेकसाइड स्थित बाराही घाट मैदान में होने वाले इस आयोजन में पर्यटकों का पारंपरिक टीका-जमारा लगाकर स्वागत किया जाएगा।
महिला पर्यटन उद्यमी मंच (डब्ल्यूओटीईएफ) की ओर से आयोजित महोत्सव की थीम ‘टीका, जमारा और पतंगबाजी के साथ पोखरा में पर्यटकों संग दशहरा मनाना’ रखी गई है। कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्तुओं और उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगेगी। इसमें पतंगबाजी, लोकनृत्य और पारंपरिक व्यंजनों के जरिये नेपाली संस्कृति की झलक पेश की जाएगी।
इससे भारतीय सहित विदेशी पर्यटकों को नेपाली रीति-रिवाज, खानपान और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। महोत्सव की समन्वयक उमा भंडारी ने बताया कि आयोजन के माध्यम से दशहरा पर्व को पारिवारिक उत्सव से आगे बढ़ाकर पर्यटन से जोड़ने की पहल की जा रही है। पर्यटकों को टीका-जमारा लगाकर स्वागत करने के साथ उन्हें नेपाली संस्कृति का अनुभव कराया जाएगा।
पोखरा पर्यटन परिषद के अध्यक्ष हरि भुजेल ने कहा कि दशहरा को पर्यटन से जोड़ने से पोखरा के पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, डब्ल्यूओटीईएफ की संस्थापक अध्यक्ष जमुना पराजुली ने इसे शहर की सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन अनुभव का हिस्सा बनाने का अवसर बताया। मंच की अध्यक्ष ममता न्यूपाने के अनुसार, महोत्सव में पर्यटक पोखरा की प्राकृतिक सुंदरता के साथ यहां की कला, संस्कृति और परंपराओं को भी करीब से अनुभव कर सकेंगे।