महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव की शना खातून धोखाधड़ी की शिकार हो गईं हैं। ब्यूटी पार्लर खोलने के सपने पर धाेखाधड़ी का ग्रहण लग गया। इससे वह परेशान है। घर की माली हालत ठीक नहीं है। स्वरोजगार कर वह पारिवार की तंगी दूर करने के प्रयास में थी, लेकिन कर्ज कर रकम का बंदरबाट होने के बाद उसके सपने बिखर गए।
शान खातून इंटर तक पढ़ाई की हैं। इनकी दूसरी बहन बीए की पढ़ाई कर रहीं हैं। सबसे छोटा भाई अयूब अंसारी इंटर में पढ़ता है। करीब एकड़ खेती है। पिता शमसुद्दीन गांव के पास ही एक निजी स्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक हैं। आर्थिक समस्या को देखते हुए अपने एक शुभचिंतक से राय लिया तो उनको मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में जानकारी हुई। उन्होंने योजना के बारे में ठीक से समझने के बाद बेटी शना को फरवरी में आवेदन कराया। शना पहले से ही ब्यूटी पार्लर के बारे में जानती हैं। उनको ब्यूटी पार्लर चलाने का शौक है। वह इसके माध्यम से बेटियों को प्रशिक्षण भी देना चाह रहीं थीं। शना कहती हैं कि आवेदन करने के बाद सभी प्रपत्रों को नियम के अनुसार जमा कर दी। लोन मिलने में देरी हुई तो पिता ने कुछ लोग से पूछना शुरू किया। उन्होंने अपने एक शिष्य को मामले के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने अपने स्तर से पता लगाया। इसके बाद यह जानकारी हुई की लोन तो 29 अप्रैल को हो गया है। इसके बाद धोखाधड़ी होने की जानकारी हुई।
शना के पिता शमसुद्दीन ने बताया कि बैंक जाने के बाद मैनेजर से सटीक जानकारी देने के बजाय गुमराह करना शुरू कर दिया। उनकी ओर से कहा गया कि जल्दी ही रकम संबंधित खाते में चली जाएगी। इसमें परेशान होने की जरूरत नहीं है। गड़बड़ी होने बात की तो उनकी ओर से बैंक में भद्दी बातें कर अपमानित भी किया गया। जेल भेजवाने की धमकी देकर खामोश कराने की
कोशिश की गई। पीड़ित शना खातून ने बताया कि अब तो ब्यूटी पार्लर खोलने का सपना पूरी नहीं हो सकेगा। फर्जी ढंग से कर्जदार भी बन गई। योजना का लाभ मिलने के बजाय, परेशानी की सौगात मिल गई। बैक में पिता को भी अपमानित होना पड़ा। शना ने बताया कि मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रकरण की गंभीरता से जांच हो तो पूरी कहानी सामने आ जाएगी। रकम को अपने चहेते फर्म में भेजकर बंदरबाट कर दिया गया। सरकार की इतनी अच्छी योजना का ऐसे ही लोग पलिता लगा रहे हैं। युवाओं को आगे बढ़ाने के बजाय उनको ठगा जा रहा है। घर की स्थिति ठीक नहीं है। इस वजह से योजना का लाभ लेकर आगे बढ़ने के लिए सोची, लेकिन मुझे यह पता नहीं था की जिम्मेदार ही ऐसा कृत्य कर देंगे।