महराजगंज। राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले जिले भर की रसोइया महिलाओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष रणधीर सिंह कहा कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद सरकार रसोइयों से मात्र दो हजार रुपये मानदेय पर पूरे महीने काम करा रही है, जो बंधुआ मजदूरी को बढ़ावा देने जैसा है। उन्होंने इसे सरकारी उदासीनता करार दिया। वहीं संरक्षक राजेंद्र प्रसाद ने बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान और न्यूनतम मानदेय निर्धारित करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष संध्या देवी ने कहा कि हर वर्ष होने वाली नवीनीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त किया जाए तथा रसोइयों का स्थायीकरण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक दबाव के कारण किसी रसोइया को हटाया नहीं जाना चाहिए। यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो फरवरी माह में संगठन पदयात्रा निकालकर लखनऊ और दिल्ली में सरकार के समक्ष अपनी बात रखेगा। इस दौरान रामसेवक, दुर्गेश कनौजिया, रामलाल, अनीता, शकुंतला, आरती ज्ञानती, गायत्री देवी, अमरावती, प्रमिला आदि मौजूद रहे।