मेडिकल स्टाेर में अस्पताल चलाने और नशीली दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए शुरू हुई जांच
महराजगंज। जिले में मेडिकल स्टोरों की आड़ में झोलाछापों द्वारा क्लीनिक और छोटे अस्पताल चलाकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ मेडिकल स्टोर नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की खुलेआम बिक्री कर रहे हैं। हाल ही में ऐसे मामले सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद संयुक्त टीम ने ऐसे मेडिकल स्टोरों की जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद ने बताया कि ऐसे मेडिकल स्टोरों की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को टीम ने छापेमारी कर 12 मेडिकल स्टोरों की जांच की।
मालूम हो कि लापरवाही और गलत इलाज के कारण बीते डेढ़ माह में करीब पांच लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक ठोस कार्रवाई करने के बजाय जांच तक ही सीमित रहा। अक्सर किसी मरीज की मौत के बाद जब हंगामा होता है, तभी विभाग जागता है और अपनी किरकिरी से बचने के लिए आनन-फानन में दुकान सील कर देता है। इसके बाद कार्रवाई ठंडी पड़ जाती है।
अमर उजाला में लगातार मेडिकल स्टोरों में क्लीनिक संचालित होने और झोलाछापों के इलाज के अलावा प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा था। इसके बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर नौतनवा तहसील क्षेत्र में बुधवार को संदिग्ध दवा दुकानों के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। उपजिलाधिकारी नौतनवा के नेतृत्व में राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने कई दुकानों की सघन जांच की। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, दवा अभिलेख और दवाओं की गुणवत्ता की जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर चार दुकानों से दवाओं के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए सील कर दिया गया।
वर्जन
मेडिकल स्टोरों की सघन जांच कराई जा रही है। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
– डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमओ