ठूठीबारी। भौरहिया नदी की मिट्टी से जहां चंदन नदी का पूर्वी तटबंध मजबूत हो रहा है, वहीं ग्रामीणों को भौरहिया नदी का किनारा कमजोर होने का डर सताने लगा है। बारिश के दिनों में नदी का किनारा टूटने का खतरा है।
जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं, जबकि तटबंध के किनारे बसे गांव के लोगों में आक्रोश है। निचलौल तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा भरवलिया गांव के पूरब नेपाल के पहाड़ों से निकली भौरहिया नदी होकर बहती है। इन दिनों भौरहिया नदी से बड़े पैमाने पर जेसीबी से मिट्टी की खोदाई कर चंदन नदी के पूर्वी तटबंध का निर्माण कराया जा रहा है।
ग्रामीण ईश मोहम्मद, फैयाज अहमद, सुलेमान खान, रामप्रीत चौधरी, देवेंद्र यादव, श्यामदेव साहनी, जियना देवी, तेतरी देवी, कैलाशी देवी, रामसुरत यादव, सुरेंद्र जायसवाल, संतोष निगम, सतीशंकर गुप्ता ने बताया की भौरहियां नदी में बरसात के दिनों में पानी का बहाव तेज होता है। नदी का किनारा जगह-जगह जर्जर है। भौरहियां नदी के दोनों किनारों की मरम्मत न कराकर नदी में बड़े पैमाने पर जेसीबी से मिट्टी निकाली जा रही है। खनन के चलते खतरा बढ़ जाएगा। माधवनगर तुरकहियां, लक्ष्मीपुर खुर्द, चटिया, कड़जा, नौनियां, नौवाबारी, भरवलियां, बसंतपुर सहित अन्य गांवों में आने वाले दिनों में मुश्किल हो सकती है। अगर खनन बंद नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।